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92 करोड़ से बन रही नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में चार साल बाद लगेगी कक्षाएं, वीसी के मकान व भवन का नहीं देना होगा 1.5 लाख किराया

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डा. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। डॉ. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कक्षाएं अब उधार के भवन में नहीं लगाई जाएंगी। 92 करोड़ रुपये से राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में बनाया जा रहा लॉ यूनिवर्सिटी का भवन बनकर तैयार हो गया है और इस बार जून में कक्षाएं वहां लगाई जाएंगी। जिससे पलड़ी में निजी कॉलेज के भवन व वीसी के आवास का डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा का दिया जा रहा किराया भी बच जाएगा। यह जरूर है कि जिस लॉ यूनिवर्सिटी के भवन का निर्माण 2016 में पूरा हो जाना चाहिए था, वहां कई बार विवाद होने के कारण अब चार साल बाद कक्षाएं अपने भवन में लग सकेंगी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी के निर्माण को पूरा कर लिया है और उसे अब जल्द ही यूनविर्सिटी प्रशासन को सौंप दिया जाएगा।
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राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में डॉ. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की योजना 2013 में बनाई गई थी और उसके अगले ही साल काम भी शुरू करा दिया गया था। लॉ यूनिवर्सिटी को 25 एकड़ जमीन पर 92 करोड़ रुपये की लागत से बनाने की बात कही गई। इसके लिए 2013 में सबसे पहले 5 करोड़ रुपये जारी किए गए और इसका काम शुरू हो गया। इसका निर्माण 2016 तक पूरा किया जाना था, जिससे इसमें 2016-17 के लिए एडमिशन करने की योजना थी। लेकिन यह यूनिवर्सिटी लगातार विवाद में फंसती चली गई और इसकी जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। जिन किसानों की जमीन को एजुकेशन सिटी के लिए अधिग्रहीत किया गया था, वह 3.5 एकड़ जमीन के मामले को लेकर कोर्ट में चले गए। जिसका मामला अभी तक कोर्ट में चल रहा है और इस कारण ही यूनिवर्सिटी को 21.5 एकड़ में बनाना पड़ा। इसके अलावा कई बार सरकार ने यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए बजट नहीं दिया और इसका निर्माण कार्य लटकता चला गया। ठेकेदारों व पीडब्ल्यूडी के बीच भी कई बार बजट को लेकर विवाद हुआ और मजदूरों तक ने काम बंद कर दिया।
यूनिवर्सिटी भवन डेढ़ लाख किराये पर लेेकर कक्षाएं चलीं तो वीसी का मकान 28 हजार प्रतिमाह के किराये पर
डॉ. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण मामला लंबा खिंचता देखकर सरकार ने 2019 में एडमिशन लेकर कक्षाएं चलाने का फैसला लिया। लेकिन सबसे बड़ी अड़चन भवन की खड़ी हो गई कि आखिर कक्षाएं किस जगह लगाई जाएंगी। जिसके बाद जीटी रोड से 10 किमी दूर पलड़ी गांव में डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा में किराये का भवन लिया गया और उसमें 2019-20 का सत्र शुरू किया गया। इस तरह 92 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी सरकार को डेढ़ लाख रुपये महीना किराये में गंवाने पड़ रहे हैं। यूनिवर्सिटी का भवन ही नहीं, बल्कि वीसी के मकान तक के किराये में रुपये गंवाए जा रहे हैं। वीसी का मकान शहर में किराये पर लिया गया, जिसका एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी ने 28 हजार रुपये का बनाया हुआ है। इस तरह डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा किराये में हर माह गंवाए जा रहे हैं।
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यूनिवर्सिटी भवन चार साल बाद बनकर तैयार
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का भवन 2016 में पूरा किया जाना था, लेकिन यह विवाद व बजट की कमी के कारण लंबा खिंचता चला गया। यही कारण है कि अब चार साल देरी से 2020 में भवन बनकर तैयार हुआ है। उसमें छोटे काम रह गए हैं जो अगले एक से दो महीने में पूरे करने की बात कही जा रही है। वह काम भी तेजी से किए जा रहे हैं, क्योंकि वहां जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने की पूरी तैयारी कर दी गई है। इस बार एडमिशन भी पलड़ी गांव की जगह राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के अपने भवन में किए जाएंगे।
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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का भवन बनकर तैयार हो गया है। पहले कुछ परेशानी हो गई थी, जिससे भवन निर्माण में देरी हुई है। भवन निर्माण में 92 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और यह भवन जून से पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। जिससे वहां इस शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू हो सकें।
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-विकास रंगा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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