अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने राई थाना क्षेत्र में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 10 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित बच्ची को देने के आदेश दिए गए हैं।
राई थाना क्षेत्र के गांव में किराये पर रहने वाले व्यक्ति ने 15 जनवरी, 2020 को पुलिस को बताया था कि उनके पड़ोस में रह रहे मूलरूप से उत्तर प्रदेश के हाथरस के गांव दरियापुर के राजू ने उसकी आठ साल की बेटी से दुष्कर्म का प्रयास किया है। व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि वह और उसकी पत्नी फैक्टरी में नौकरी करने चले गए थे। घर पर उसकी आठ साल की बेटी अकेली थी। अकेला देखकर राजू ने उसके कमरे में घुसकर बेटी से दुष्कर्म का प्रयास किया था। इस पर बच्ची रोने लगी थी तो पड़ोस का व्यक्ति उनके कमरे में पहुंच गया था। आरोपी फरार हो गया था। परिजनों के बयान पर पुलिस ने दुष्कर्म के प्रयास व 6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने 16 जनवरी, 2020 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने राजू को दोषी करार देते हुए मंगलवार को सजा सुनाई है। राजू को भादंसं की धारा 376एबी, 511 में 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं। वहीं धारा 452 में तीन साल की कैद, 10 हजार रुपये जुर्माना और 506 में दो साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।