संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक मान की कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में बिजली निगम के लाइनमैन को दोषी करार देते हुए चार साल कैद व आठ हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
शिकायतकर्ता ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि लाइनमैन सुरेंद्र ने ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर बदलने की एवज में 8,000 रुपये की रिश्वत मांगी है। इस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
टीम ने 18 जून, 2020 को आरोपी को 8,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयान और ट्रैप कार्रवाई की पुष्टि के आधार पर अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 13 के तहत 4 साल की कठोर कैद और आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।