किसानों व सरकार के बीच आखिरी बैठक 22 जनवरी को हुई थी। 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद से सरकार व किसानों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है। ऐसे में बॉर्डर पर अभी मौजूद किसानों व मोर्चा में शामिल कई संगठनों का धैर्य जवाब देने लगा है और संयुक्त किसान मोर्चा पर किसी भी तरह से बातचीत का रास्ता खोलने का दबाव बनने लगा है। अब मोर्चा के नेता उन पांच राज्यों में बड़ा अभियान चलाने की योजना बना चुके है, जहां चुनाव होने हैं।
नौ मार्च को बैठक कर बड़ा फैसला ले सकता है मोर्चा
किसान 6 मार्च को एक्सप्रेस वे जाम करेंगे और उससे सरकार को ताकत दिखाएंगे। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने अभी पांच राज्यों में सरकार के विरोध का एलान किया है और देखा जा रहा है कि सरकार आगे किस तरह का कदम उठाती है। सरकार का सकारात्मक रुख नहीं दिखता है तो पांच राज्यों में बड़ा अभियान छेड़ा जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य दर्शनपाल ने कहा कि किसान मोर्चा की 9 मार्च को दोबारा से बैठक हो सकती है।