सोनीपत। खरखौदा शराब तस्करी, चोरी व भ्रष्टाचार के मामले में जितेंद्र से पूछताछ में सामने आया है कि सस्ते ब्रांड की शराब को महंगे ब्रांड की बनाने के लिए दूसरी बोतल में डालने व लेबल लगाने का काम खरखौदा में किया जाता था। शराब को दूसरे ब्रांड की बोतल में डालकर पांच से सात गुणा रेट की बना दिया जाता था। मनचाहे ब्रांड की खाली बोतल और उसके लिए लेबल पंजाब की डिस्टलरी से ही उपलब्ध कराए जाते थे।
तस्करी के मुख्य आरोपी भूपेंद्र का भाई जितेंद्र शराब तस्करी मामले में फरार चल रहा था। कोर्ट के आदेश के बाद वह सोमवार को जांच में शामिल हुआ है। एसआईटी की पूछताछ में जितेंद्र ने बताया कि सस्ती शराब को दूसरी बोतलों में पैक करके महंगा ब्रांड बना देते थे। इसके लिए खाली बोतल और उसपर चिपकाने के लिए लेबल, पैक करने के लिए बाक्स और सील-ढक्कन सभी असली होते थे। इससे खरीदने वालों को शक नहीं होता था। इसके चलते उनकी शराब की बिक्री ठेकों पर भी हो जाती थी। इसकी पूरी जानकारी जसबीर और आबकारी विभाग के अधिकारियों को थी। पैकिंग का सामान पंजाब की डिस्टलरी से प्राप्त होता था। डिस्टलरी प्रबंधन को शराब का पैकिंग बदलकर बिक्री करने की जानकारी थी। डिस्टलरी में किसी भी राज्य में सप्लाई की शराब पैक करा लेते थे।
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एसआईटी से मिलने पहुंचा डिस्टलरी का प्रतिनिधि, नहीं हो सकी पूछताछ
सोनीपत। खरखौदा में तस्करी की शराब पंजाब के राजपुरा स्थित डिस्टलरी से मंगवाई जाती थी। एसआईटी को डिस्टलरी प्रबंधन से पूछताछ करनी है। इसे लेकर टीम तीन बार डिस्टलरी जा चुकी है और प्रबंधन को नोटिस जारी कर चुकी है। जिस पर मंगलवार को डिस्टलरी का प्रतिनिधि सोनीपत एसआईटी के डीएसपी से मिलने अपने अधिवक्ता के साथ पहुंचा। हालांकि डीएसपी की व्यस्तता के चलते उससे पूछताछ नहीं हो सकी। अब एसआईटी तस्करों और डिस्टलरी के बीच का संबंध तलाश रही है। अब शराब तस्कर जितेंद्र से पूछताछ की जा रही है। साथ ही सतीश व भूपेंद्र की जमानत पर भी सुनवाई को लेकर तैयारी की जा रही है। इसके चलते टीम डिस्टलरी के प्रतिनिधि से पूछताछ नहीं कर सकी। उसको बुलाने के लिए अब दोबारा से नोटिस जारी किया जाएगा।
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शराब तस्करी का मामला बड़ा है। मामले में जांच में सहयोग करने की बात कहकर आया जितेंद्र जानकारी देने से बच रहा है। उससे पूछताछ के साथ ही कई साक्ष्य एकत्र कराने हैं। इसके लिए रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। न्यायालय से उसको रिमांड पर देने की मांग की जाएगी।
-नरेंद्र कादियान, डीएसपी एसआईटी, रोहतक।