सोनीपत। बारिश और तेज हवा ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल बिछ गई वहीं अनाज मंडियों में खुले में रखा धान भीगने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई। जिले में सोमवार सुबह आठ बजे तक औसतन 27 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई।
सोनीपत ब्लॉक में सर्वाधिक 55 मिमी बारिश हुई। सोनीपत अनाज मंडी में करीब 10,000 क्विंटल धान बारिश में भीगने के कारण उसकी बोली नहीं लग सकी। वहीं, पीआर धान की खरीद न होने से परेशान किसान मंडी सचिव कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने धरने पर बैठ गए।
मानसून की विदाई के बाद मौसम शुष्क रहने से किसान धान, बाजरा, ज्वार और कपास समेत खरीफ फसलों की कटाई में जुटे थे। रविवार शाम सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण देर रात बारिश होने के साथ तेज हवा चलीं। सोमवार सुबह खेतों में पहुंचने पर किसानों को कई जगह धान की फसल जमीन पर बिछी मिली।
कपास और बाजरे की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी जमा होने से मशीनों से कटाई अगले दो से तीन दिन प्रभावित रहने की आशंका है। हाथ से कटाई का काम भी रुक गया है। हालांकि जिन किसानों के खेत खाली हैं उन्हें गेहूं और सरसों की बिजाई के लिए नमी मिलने से सिंचाई खर्च में राहत मिल सकती है।
सोनीपत ब्लॉक में 55 मिमी बारिश, तापमान में भी गिरावट :
जिले में सोमवार सुबह आठ बजे तक सोनीपत ब्लॉक में 55 मिमी, खानपुर में 35 मिमी, खरखौदा में 27 मिमी, राई और गन्नौर में 18-18 मिमी, गोहाना में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री रहा। सुबह बारिश थमने के बाद धूप निकल आई लेकिन मौसम में बदलाव के आसार बने हैं।
मंडी में भीगा 10,000 क्विंटल धान, खरीद का इंतजार :
सोनीपत अनाज मंडी में बारिश से खुले में रखा करीब 10,000 क्विंटल धान भीग गया। इस कारण सोमवार को इसकी बोली नहीं लग सकी। धूप निकलने के बाद धान सुखाने का काम शुरू किया गया। शेड के नीचे रखे और तिरपाल से ढके धान की खरीद हुई। मंडी में सोमवार को करीब 15,000 क्विंटल धान की बोली लगी। किसानों के लिए राहत की बात यह रही कि भाव में बड़ी गिरावट नहीं आई। 1509 किस्म का धान 3,900 रुपये प्रति क्विंटल तक और हाथ से काटा गया धान 4,300 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका।
पीआर धान की खरीद न होने से किसानों में रोष, सचिव कार्यालय के बाहर धरना :
मंडी में पीआर धान की खरीद न होने से परेशान किसानों ने सोमवार को मंडी सचिव कार्यालय के मुख्य गेट के सामने धरना दिया। किसानों का कहना था कि वह एक सप्ताह से खरीद का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से बार-बार खरीद शुरू कराने और धान का उठान करवाने का आश्वासन दिया गया लेकिन समय पर व्यवस्था न होने से उनकी फसल बारिश में भीग गई। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर खरीद और उठान होता तो उन्हें इस नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता।
मंडी में सुविधा का अभाव है। मैं नौ एकड़ खेत से काटा गया धान लेकर उसे बेचने के लिए मंडी में आया हूं लेकिन बारिश में आधा एकड़ खेत का धान बह गया। मुझे काफी नुकसान हुआ है। - नवीन, किसान, सोनीपत।
पीआर धान की खरीद नहीं हो पा रही है। मंडी में तिरपाल, पेयजल की बेहतर व्यवस्था नहीं है। काफी धान बह गया। नुकसान का आकलन कर भरपाई की जाए। मंडी से जलनिकासी कराई जाए। - जयदीप, किसान थाना कलां
पीआर धान उत्पादक किसान बारदाने की समस्या सुलझाने के लिए मेरे पास आए थे। हैफेड के डीएम से बात करके संबंधित किसानों को बारदाना उपलब्ध करा दिया गया है। - जितेंद्र कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी, सोनीपत।
किसानों का खरीदा गया पीआर धान भरवाने के लिए सोनीपत मंडी में बारदाना उपलब्ध कराया गया है। गोहाना व कासंडी मंडी में मंगलवार को पीआर धान की खरीद कराई जाएगी। हैफेड की ओर से 800 एमटी धान खरीद करने के लिए अंबाला के मिलर्स के साथ अनुबंध किया गया है। - विजय शर्मा, डीएम, हैफेड, सोनीपत।
-उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आया है। 14 अक्तूबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 16 अक्तूबर तक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बादल छाने, तेज हवा चलने और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। - डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, सोनीपत।