जेईई मेंस परीक्षा के लिए जारी किया गया एडमिट कार्ड।
- फोटो : Sonipat
जेईई मेंस की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को जारी किए गए एडमिट कार्ड पर केंद्र का स्थान गलत दर्शाने पर कई परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए। इससे परीक्षार्थियों में रोष है। परीक्षार्थियों का कहना है कि एडमिट कार्ड पर दर्शाए गए केंद्र व वास्तविक परीक्षा केंद्र के बीच की दूरी करीब 55 किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने के लिए परीक्षार्थियों को करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया। समय पर केंद्र पर न पहुंचने के कारण परीक्षार्थियों का पेपर छूट गया। परीक्षार्थियों का कहना है कि उन्हें किसी और की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सभी परीक्षार्थियों की मांग है कि उन्हें दोबारा पेपर देने का मौका दिया जाए।
सोनीपत के गांव मुरथल निवासी सुभाष चंद्र ने बताया कि 27 अगस्त को उसके बेटे आकाश की जेईई मेंस की परीक्षा थी। आकाश को जारी किए गए एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र श्री बलवंत दयाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चिड़ाना, एनएच 71ए गोहाना, पानीपत, रोहतक रोड दर्शाया गया था। परीक्षा का समय दोपहर बाद तीन से शाम 6 बजे तक था। परीक्षार्थियों को दोपहर 1:40 से 2:30 बजे तक केंद्र में दाखिल होने के निर्देश दिए गए थे। 2:30 बजे के बाद आने वाले परीक्षार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था। आकाश दोपहर 12:30 बजे ही केंद्र पर पहुंच गया था। संस्थान के बाहर बैठे गार्ड को एडमिट कार्ड दिखाया तो उसने बताया कि यहां किसी प्रकार का पेपर नहीं है। सुबह से करीब 20 से 25 परीक्षार्थी यहां आ चुके हैं। चिड़ाना स्थित संस्थान के बाहर करीब 20 से 25 परीक्षार्थी परेशान रहे और वास्तविक परीक्षा केंद्र का पता करते रहे।
सुभाष चंद्र का कहना है कि बाद में पता लगा कि वास्तविक परीक्षा केंद्र बागपत रोड स्थित गांव पलड़ी के पास है। इस पर कुछ परीक्षार्थी पलड़ी के लिए रवाना भी हुए, लेकिन निर्धारित समय पर नहीं पहुंच सके। जिस कारण उनका पेपर छूट गया। आकाश का कहना है कि उसने जेईई मेंस की परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी की थी और पूरी उम्मीद थी कि वह पेपर क्लीयर कर लेगा, लेकिन किसी और की गलती का खामियाजा न जाने कितने ही परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा। पेपर देने से वंचित रहे आकाश व अन्य की मांग है कि उन्हें पेपर देने का दोबारा मौका दिया जाए।