सोनीपत। पुराने शहर स्थित कोट मोहल्ला में तैयार हो रहा स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय अब केवल ऐतिहासिक वस्तुओं का संग्रह भर नहीं रह गया है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, पौराणिक विरासत और हरियाणवी सभ्यता को जीवंत करने वाला अनूठा केंद्र बनता जा रहा है। अंग्रेजी शासनकाल में बने ऐतिहासिक कोर्ट भवन में विकसित हो रहा यह संग्रहालय आने वाले समय में पर्यटन, शोध और सांस्कृतिक अध्ययन का बड़ा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
सबसे खास बात यह है कि यह संग्रहालय जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। लोगों ने अपनी पीढिय़ों से संभालकर रखी गई दुर्लभ धरोहरों को स्वेच्छा से दान कर इस सांस्कृतिक प्रयास को नई ऊंचाई दी है। स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय का निर्माण पुराने शहर में स्थित वर्ष 1914 में बने ब्रिटिशकालीन कोर्ट भवन में किया जा रहा है। जिला प्रशासन के सहयोग से ब्यूटीफिकेशन सोसाइटी और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से यहां 23 गैलरियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें से 17 का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
इन गैलरियों में सोनीपत के इतिहास के साथ भारतीय सभ्यता, हरियाणवी संस्कृति, ग्रामीण जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी अनमोल धरोहरों को संरक्षित किया गया है। ब्यूटीफिकेशन सोसाइटी के सदस्य सचिव राजेश खत्री के अनुसार लोगों ने करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की प्राचीन वस्तुएं संग्रहालय को उपलब्ध कराई हैं।
तकनीक से जीवंत होगा इतिहास
परंपरा और आधुनिकता का संतुलन बनाए रखने के लिए संग्रहालय की तीन प्रमुख गैलरियों को डिजिटल तकनीक से सुसज्जित किया गया है। यहां डिजिटल प्रोजेक्शन, इंटरैक्टिव प्रस्तुति और आधुनिक डिस्प्ले तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि दर्शक केवल इतिहास को देखें ही नहीं, बल्कि उसे महसूस भी कर सकें। संग्रहालय में क्यूआर कोड स्कैनर की सुविधा भी उपलब्ध होगी। दर्शक किसी भी वस्तु को स्कैन कर उससे जुड़ी विस्तृत डिजिटल जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
23 गैलरियों में सिमटेगा हजारों वर्षों का इतिहास
संग्रहालय की प्रत्येक गैलरी इतिहास के किसी विशेष अध्याय को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी। यहां पौराणिक कथाओं से लेकर ग्रामीण संस्कृति और औद्योगिक विरासत तक को विशेष स्थान दिया गया है। महाभारत गैलरी आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बनेगी। इस गैलरी में भगवान श्रीकृष्ण की तरफ से महाभारत युद्ध से पूर्व पांच गांव मांगने की कथा को विशेष रूप से दर्शाया गया है। युद्ध पूर्व के कुएं, स्वर्ण महल और प्राचीन दरवाजों की कलाकृतियां दर्शकों को महाभारत काल की अनुभूति कराएंगी।
टेराकोटा गैलरी में दिखेगी प्राचीन सभ्यता की झलक
हजारों वर्ष पुराने मिट्टी के बर्तन और टेराकोटा कलाकृतियां यहां की विशेष पहचान होंगी। यह वस्तुएं प्राचीन मानव जीवन, कला और संस्कृति की कहानी कहती नजर आएंगी। पुलिस गैलरी में सुरक्षा व्यवस्था का इतिहास दिख रहा। पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. सुमन मंजरी की पुलिस वर्दी, ब्रिटिशकालीन खुदाई में मिली प्राचीन पिस्तौल और पुलिस व्यवस्था से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं इस गैलरी को अलग पहचान देती हैं।
करंसी गैलरी में दुर्लभ सिक्कों का संग्रह
यहां 1800 शताब्दी के दुर्लभ सिक्कों को सुरक्षित रखा गया है, जो भारतीय मुद्रा प्रणाली के विकास और आर्थिक इतिहास की महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करते हैं। संग्रहालय में हरियाणवी ग्रामीण जीवन से जुड़ी वस्तुएं जैसे घी कुप्पा, प्राचीन बर्तन और घरेलू उपयोग की सामग्री भी संरक्षित की गई है। इसके अलावा पालम और असालतपुर से प्राप्त 1248 वर्ष पुराने ऐतिहासिक दस्तावेज भी यहां विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
दो सौ शताब्दी पुराना स्टीम रोड रोलर
संग्रहालय परिसर में रखा गया करीब दो शताब्दी वर्ष पुराना भाप से चलने वाला रोड रोलर लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है। करीब 100 वर्षों से बंद पड़े इस रोलर को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के माध्यम से दोबारा संचालित स्थिति में लाया गया है।
शिक्षा और शोध का भी बनेगा केंद्र
स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय को केवल पर्यटन स्थल तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि इसे शिक्षा और शोध केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। यहां लाइब्रेरी और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे विद्यार्थी और शोधार्थी भारतीय इतिहास और संस्कृति पर गहन अध्ययन कर सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर स्कूली बच्चों के लिए निशुल्क संग्रहालय दर्शन के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक खुला रहेगा। संग्रहालय में 17 गैलरी बनकर तैयार हो चुकी हैं जिनमें 100 वर्ष से लेकर 5000 वर्ष पुरानी वस्तुएं मुख्य आकर्षण का केंद्र बन रही।
-राजेश खत्री, सदस्य सचिव, ब्यूटीफिकेशन सोसाइटी
स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय का संचालन जल्द होगा। केंद्र सरकार की तरफ से यहां भी पर्यटकों को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा जिससे देश में राजस्व की बढ़ोतरी होगी।
-डॉ. अंचल पांड्या, अध्यक्ष, सांस्कृतिक अभिलेखागार एवं संरक्षण विभाग
फोटो :: सोनीपत के कोट मोहल्ला स्थित स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में रखा पौराणिक सामान। संवाद
फोटो :: सोनीपत के कोट मोहल्ला स्थित स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में रखा पौराणिक सामान। संवाद
फोटो :: सोनीपत के कोट मोहल्ला स्थित स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में रखा पौराणिक सामान। संवाद
फोटो :: सोनीपत के कोट मोहल्ला स्थित स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में रखा पौराणिक सामान। संवाद
फोटो :: सोनीपत के कोट मोहल्ला स्थित स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में रखा पौराणिक सामान। संवाद
फोटो :: सोनीपत के कोट मोहल्ला स्थित स्वर्णप्रस्थ संग्रहालय में रखा पौराणिक सामान। संवाद