सोनीपत के यमुना घाट पर पिलर लगाने को लेकर निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम, डीआरओ व अन्य। स्रोत : सू
सोनीपत। यमुना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश (यूपी) के साथ सीमा विवाद निपटाने के लिए पहल शुरू हो गई है। सरकार और प्रशासन ने तय निर्णय अनुसार पिलर लगाने को लेकर काम शुरू कर दिया है। एसडीएम अमित कुमार की अध्यक्षता में अधिकारियों की टीम ने यमुना का दौरा करते हुए पिलर लगाने को लेकर निरीक्षण किया। यमुना क्षेत्र में 347 पिलर लगाए जाएंगे। वहीं प्रदेश के क्षेत्र में चार रेफरेंस पिलर (संदर्भ स्तम्भ) और 89 सब-रेफरेंस पिलर भी लगवाए जाएंगे।
वीरवार को एसडीएम अमित कुमार, जिला राजस्व अधिकारी हरिओम अत्री व एक्सईएन पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) पंकज गौड़ के साथ राई के नायब तहसीलदार अंकित ने यमुना क्षेत्र का दौरा किया। 1974 में दीक्षित अवाॅर्ड हुआ था, जिसके बाद यमुना की सीमा निर्धारण के लिए यमुना में पिलर लगवाने थे। यह कार्य लंबित रह गया था। पिलर न लगने के कारण हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच कई बार सीमा विवाद हो चुका है। विवादों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने यमुनानगर से पलवल तक यमुना नदी में पिलर लगवाने के निर्देश दिए हैं। सर्वे ऑफ इंडिया से सर्वे के आधार पर राजस्व विभाग के निर्देशन में पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से पिलर लगवाए जाएंगे। सोनीपत जिला की सीमा में 347 पिलर लगवाए जाएंगे। साथ ही 89 सब-रेफरेंस पिलर और चार रेफरेंस पिलर भी लगवाए जाएंगे।
नेशनल हाईवे पर बने छह पैदल पारपथ
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जान जोखिम में डालकर सडक़ पार करने वाले राहगीरों की सुविधा के लिए अब पैदल पारपथ (फुट ओवरब्रिज) बनाए जाएंगे। सोनीपत जिले की सीमा में छह पैदल पारपथ बनाने का निर्णय लिया गया है। पैदल पारपथ के निर्माण से सडक़ पार करते समय जान गंवाने वालों के आंकड़ों में कमी आएगी। फुट ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने वीरवार को नेशनल हाईवे का निरीक्षण किया। कुंडली से लेकर बहालगढ़ के बीच तीन व बहालगढ़ से भिगान टोल प्लाजा से आगे तक तीन अन्य पैदल पारपथ का निर्माण होगा।