सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र में शौचालयों की सफाई आठ माह से नहीं हो रही है। प्रशासन की अनदेखी से टेंडर न होने के कारण शौचालयों में गंदगी फैलने और कई जगह ताले लटके होने से एक वर्ष में स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग 121 पायदान लुढ़क गई। सात साल में यह सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। पिछली बार सोनीपत को स्वच्छता रैंकिंग में 139 वां स्थान मिला था। वीरवार को जारी नई रैंकिंग में जिला 260 वें स्थान पर है। राज्य में सोनीपत नगर निगम ने 2 पायदान लुढ़ककर 12वां रैंक हासिल किया।
शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सर्वे के बाद 5 जनवरी को कूड़ा मुक्त शहरों की सूची में सोनीपत को पहली बार वन स्टार रेटिंग मिली थी। सफाई को लेकर नगर निगम ने शहर को 3 जोन और 20 वार्डों को भी 3 जोन में बांटा है। शहर में सफाई जिम्मा निगम प्रशासन ने अलग-अलग एजेंसियों को दिया है। नगर निगम के करीब 14 वार्डों में एजेंसियों के कर्मचारी काम करते हैं जबकि 6 वार्डों में निगम के पक्के कर्मचारी सफाई का काम करते हैं। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने एजेंसियों को सौंपे गए कार्य में नालों की सफाई व पेड़ों की कटिंग भी शामिल है।
अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार शहर केंद्र सरकार की तरफ से करवाए गए सर्वेक्षण में टॉप-100 में शामिल होगा, लेकिन पहले के मुकाबले इस बार निगम का बहुत ही खराब प्रदर्शन रहा है। घर-घर कूड़ा एकत्रित करने में 32 फीसदी, आवासीय क्षेत्र में सफाई पर 16 फीसदी, मार्केट क्षेत्र में सफाई पर 15 फीसदी, जल निकायों की स्वच्छता पर 50 फीसदी, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर 33 फीसदी अंक मिले। निगम क्षेत्र में सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग करने में 100 फीसदी अंक हासिल हो सके।
जिले के बाकी शहरों की यह रही स्थिति
गन्नौर : राज्य में 25वां स्थान मिला। देशभर में 2116 रैंक मिला। नॉर्थ जोन में 149 वां स्थान हासिल किया।
खरखौदा : राज्य में 59वां स्थान मिला। देशभर में 3554 रैंक मिला। नॉर्थ जोन में 196 वां स्थान हासिल किया।
- कुंडली : राज्य में 65वां स्थान मिला। देशभर में 3720 रैंक मिला। नॉर्थ जोन में 270 वां स्थान हासिल किया।
शौचालय की स्थिति बेहतर नहीं
शौचालय की स्थिति बेहतर नहीं है। खुले में शौच मुक्त अभियान का असर धरातल पर नहीं दिख रहा है। इससे इस बार शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जारी सूची में ओडीएफ प्लस प्लस श्रेणी से सोनीपत को दूर रखा गया। शहर में पुलिस लाइन में दो, बस अड्डा पर दो, अग्रसेन चौक पर दो व कच्चे क्वार्टर दो ई-टॉयलेट बनाए हैं। नगर निगम के पास 150 सार्वजनिक और डीलक्स शौचालय है। इनकी हालत बेहतर नहीं है।
वर्ष रैंकिंग
2017 243
2018 156
2019 161
2020 103
2021 235
2022 139
2023 260
वर्जन
स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में बेहतर प्रयास करने की कोशिश की गई। रैंकिंग में काफी गिरावट आई है। पहले की रैंकिंग के आधार पर हुए कामों को देखते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।
अंकिता वर्मा, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
वर्जन
ठेकेदारों की लापरवाही व अधिकारियों की अनदेखी के चलते स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट आई है। जिन कर्मियों व ठेकेदारों की लापरवाही रही है उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता व शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को लिखा जाएगा।
निखिल मदान, मेयर, सोनीपत