सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दावा किया कि देश के अन्नदाताओं की उचित मांगों के लिए शांतिपूर्ण विरोध के 10 महीने पूरे होने पर बुलाया गया भारत बंद ऐतिहासिक व अभूतपूर्व रहा। देश के 23 राज्यों के अलावा केंद्र शासित प्रदेशों में बंद पूरी तरह शांतिपूर्वक रहा। देशवासियों के प्रति आभार जताते हुए एसकेएम सदस्यों ने कहा कि बंद को देशभर में मिले व्यापक समर्थन से सरकार को किसानों के बारे में सोचने पर मजबूर होना होगा।
संयुक्त किसान मोर्चा की समन्वय समिति के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल व डॉ. दर्शन पाल ने सोमवार को कहा कि एसकेएम के आह्वान पर सकारात्मक और अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है। ज्यादातर स्थानों पर समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी देखी गई। भारत के 23 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों ने किसी अप्रिय घटना की सूचना के बिना बंद को शांतिपूर्ण ढंग से निभाया। इसके लिए देशवासियों को वे बधाई देते हैं। एसकेएम कुछ राज्य सरकारों, कई सह-संगठनों, अन्य संगठनों और कई राजनीतिक दलों की सराहना करता है, जिन्होंने बंद को अपना समर्थन दिया है।
कई राज्यों में जनजीवन रहा ठप
बलबीर सिंह ने कहा कि केरल, पंजाब, हरियाणा, झारखंड और बिहार जैसे कई राज्यों में जनजीवन ठप हो गया। रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि दक्षिणी असम, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड के कई हिस्सों में यह स्थिति थी। तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में अनेक विरोध प्रदर्शन हुए। राजस्थान और कर्नाटक की राजधानी जयपुर और बंगलुरु समेत अनेक शहरों में विरोध रैलियों निकाली गई।
सरकार से त्रस्त हैं देशवासी
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही भाजपा-आरएसएस की नीतियों, बुनियादी स्वतंत्रता व लोकतंत्र पर अंकुश लगाने और अधिकांश लोगों के जीवनयापन को खतरे में डालने से पूरे देश में गुस्सा व हताशा थी। भारत बंद को आम आदमी का समर्थन मिलने से स्पष्ट हो गया है कि भारतवासी किसानों की जायज मांगों में उनके साथ हैं। कई संगठनों का पूरा समर्थन मिला है।