फोटो 14- सोनीपत के गांव राठधना स्थित श्री शिव रामेश्वरम धाम मंदिर में उज्जैन की तर्ज पर बनाए गए
सोनीपत। गांव राठधना में 36 बिरादरी के सहयोग से नवनिर्मित श्री शिव रामेश्वरम धाम मंदिर में वीरवार को वैदिक मंत्रोच्चारण व विधिविधान से प्राण प्रतिष्ठा पूजन संपन्न किया गया। पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया गया। भंडारे में आसपास क्षेत्र के गांवों सहित शहर के श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। महिलाओं ने संकीर्तन कर मंगल गीत गाए।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सीनियर मेयर राजीव सरोहा ने उज्जैन की तर्ज पर बनाए गए महाकाल का पूजन किया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से भक्तिमय हो उठा।
राठधना आदर्श ग्राम सुधार समिति के प्रधान अतर सिंह, महासचिव जिले सिंह सरोहा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार 12 ज्योतिर्लिंगों में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग भारत के दक्षिण दिशा में तमिलनाडु में स्थित है। उसी की आस्था को देखते हुए राठधना वासियों ने भी श्री शिव रामेश्वरम नाम से गांव में मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया। श्री शिव रामेश्वरम धाम उत्तर भारत का सबसे बड़ा मंदिर होगा।
पंडित रणबीर ने बताया कि यहां रामेश्वरम में श्रीराम की ओर से बनाए गए पुल के पत्थर विशेष रूप से पानी में तैरते हुए नजर आएंगे। इन पत्थरों को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। मंदिर में मुख्य आकर्षक का केंद्र 71 फीट ऊंची शिव प्रतिमा व रोड के सामने शिवलिंग की स्थापना होगी।
334बी राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले भक्त आसानी से इनके दर्शन कर सकेंगे। कार्यक्रम में प्रिंस सरोहा, मनोज सरोहा, कर्मबीर नंबरदार, सतीश, राममेहर, कृष्ण सरोहा, सुमेर सरोहा, रणधीर शर्मा, पंडित लीलू शर्मा सहित काफी ग्रामीण मौजूद रहे।