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Sonipat News: आईजी बी सतीश बालन बनाए गए सोनीपत के पहले पुलिस कमिश्नर

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सोनीपत में कमिश्नर का पदभार ग्रहण करने के बाद बी. सतीश बालन को बधाई देते एसपी हिमांशु गर्ग। - फोटो : Sonipat
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प्रदेश सरकार ने वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी बी. सतीश बालन को सोनीपत का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। सोनीपत को प्रदेश की चौथी पुलिस कमिश्नरी बनाने के लिए शनिवार को ही अधिसूचना जारी की गई थी। जिसके बाद रविवार को एसटीएफ में आईजी सतीश बालन को सोनीपत का कमिश्नर लगाया गया है। रविवार रात साढ़े आठ बजे उन्होेंने कार्यभार संभाल लिया। वहीं सोनीपत के एसपी रहे हिमांशु गर्ग को पंचकूला मुख्यालय भेज दिया गया है। बालन के कमिश्नर नियुक्त करने के बाद से जिलेवासियों को फिर से सोनीपत के जाम मुक्त होने की उम्मीद जगी है।
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सोनीपत को बढ़ते उद्योग, शहरीकरण और हाईवे के चलते पुलिस कमिश्नरी बनाया गया है। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अब पुलिस के पास ज्यादा संख्या बल व संसाधन होंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 25 दिसंबर को सुशासन दिवस कार्यक्रम में सोनीपत को पुलिस कमिश्नरी बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद शनिवार को ही गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने अधिसूचना जारी कर सोनीपत को पुलिस कमिश्नरी बना दिया था। इस पर रविवार को आईजी एसटीएफ बी. सतीश बालन को सोनीपत कमिश्नरी का पहला कमिश्नर नियुक्त कर दिया है। मूलरूप से तमिलनाडु के रहने वाले बालन 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी गिनती प्रदेश के तेज तर्रार पुलिस अधिकारी के रूप में होती है। वह नवंबर, 2014 के पहले सप्ताह से मार्च, 2015 के पहले सप्ताह तक सोनीपत के एसपी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में सोनीपत शहर जाम मुक्त हो गया था। शहर में जाम लगते ही उनके कार्यकाल को याद किया जाता था। अब लोगों को फिर से उम्मीद जगी है कि शहर से जाम की समस्या दूर हो सकेगी।
विधायकों से रंगदारी मांगने के मामले को सुलझाया
प्रदेश के साथ दिल्ली के विधायकों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद काफी चर्चित हो गया था। रंगदारी के लिए विधायकों को काल विदेश के नंबरों से की गई थीं। उनको विदेश में छिपे कुख्यात अपराधी के नाम पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। विधायकों को धमकी मिलने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया था और विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था। सोनीपत से कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र पवार ने नाराज होकर इस्तीफा तक दे दिया था, हालांकि वह स्वीकार नहीं किया गया था। उसके बाद विधायकों को रंगदारी व धमकी मामले की जांच गृह मंत्री ने एसटीएफ के तेज-तर्रार आईजी बालन को सौंपी थी। उन्होंने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया था।
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अवैध खनन रोकने को की थी पहल
सोनीपत के एसपी रहते हुए बी सतीश बालन ने अवैध खनन रोकने को सार्थक पहल की थी। उनके समय में अवैध खनन पर काफी हद में अंकुश लग गया था। साथ ही वह निष्पक्ष कार्रवाई के लिए भी जाने जाते हैं। ऐसे में लोगों को अब अपराधियों पर ठोस कार्रवाई होने की उम्मीद जगी है।
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