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Sonipat News: पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद अब कोहरा छाने के बने आसार, सताएगी कड़ाके की ठंड

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नए साल के पहले दिन धूप खिलने से पार्क में अठखेलियां करते बच्चे। संवाद - फोटो : Sonipat
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प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त हो गया है। अब तक ठंड से हल्की राहत महसूस कर रहे लोगों को एक बार फिर से कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। नए साल का आगाज भले ही धूप के साथ हुआ हो, लेकिन आने वाले दिनों में लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने पूरे सप्ताह कोहरा छाने और तापमान के गिरावट आने के आसार जताए हैं। जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ सकती है।
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पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए हुए थे। हवाओं की गति व दिशा भी बदल गई थी। पूर्वी हवाएं चलने से लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली शीत लहर का सामना नहीं करना पड़ रहा था। दिन में निकलने वाली धूप भी राहत पहुंचा रही थी। अब पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने से मौसम के मिजाज में भी बदलाव आएगा। जिससे लोगों को फिर कड़ाके की ठंड का सामना करना होगा। हवाओं की दिशा बदलने से पहाड़ी क्षेत्रों की बर्फीली हवाएं मैदानी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की ठिठुरन बढ़ाएंगी। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो दिन का अधिकतम तापमान 12 से 15 डिग्री के आसपास बना रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री के आसपास रह सकता है।
धूप से हुआ नए साल का आगाज
रविवार को नववर्ष का आगाज धूप से हुआ। तड़के जहां लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा, वहीं सुबह खिली धूप ने लोगों को राहत देने का काम किया। दिन का अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम साफ रहने से जिले की वायु गुणवत्ता भी बेहतर रही। मुरथल क्षेत्र में एक्यूआई 131 दर्ज किया गया, वहीं सोनीपत शहर में यह 124 रहा।
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ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को होगा फायदा
जिले में 1.40 लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की गई है, जबकि 6 हजार हेक्टेयर भूमि में सरसों की बिजाई की गई है। कृषि उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने बताया कि ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा। हालांकि पाला और अधिक ठंड से फसलों को बचाने के लिए किसानों को चाहिए कि आवश्यकतानुसार ही सिंचाई करें।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों की तरफ से आने वाली बर्फीली हवाएं पूरी तरह से मैदानी क्षेत्रों में नहीं पहुंच पा रही थीं। अब पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त हो गया है, ये हवाएं दिल्ली-एनसीआर में पहुंचेगी। वातावरण में नमी अधिक होने से घना कोहरा छाने के आसार बना हुआ है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। -प्रो. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
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