कुंडली बॉर्डर पर गांव रसोई के पास झोपड़ी के बाहर मौजूद बाबा गुरमीत सिंह। संवाद
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कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने व एमएसपी की मांग के लिए जारी आंदोलन स्थल पर लोगों के जोड़ों के दर्द का निशुल्क उपचार कर रहे बाबा गुरमीत मालजी की झोपड़ी में बुधवार देर रात अचानक आग लग गई। जिस पर किसानों ने काफी मशक्कत के बाद काबू पाया। आग से झोपड़ी में मौजूद एक महिला किसान झुलस गई, जबकि चार अन्य ने भागकर जान बचाई। आग से झुलसी महिला को पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल किया गया है। आग से बाइक, सामान और नकदी जल गई।
पंजाब निवासी गुरमीत सिंह किसान आंदोलन की शुरुआत से ही कुंडली बॉर्डर पर रहकर लोगों के जोड़ों के दर्द का उपचार कर रहे हैं। उन्होंने गांव रसोई के पास अपनी झोपड़ी बना रखी है। वह बुधवार देर रात में अपनी झोपड़ी में थे। उनके साथ पंजाब के मोहाली जिले के गांव खरड़ की कुलजीत कौर व तीन अन्य किसान भी थे। देर रात अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग लगी देखकर वह बाहर की तरफ भागे और शोर मचा दिया। इस दौरान झोपड़ी में मौजूद कुलजीत कौर आग से झुलस गई। बाबा गुरमीत व अन्य उन्हें बाहर लेकर आए। उन्हें झुलसी हालत में सामान्य अस्पताल सोनीपत भिजवाया गया। जहां से उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पीजीआई से किसान उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई ले गए। वह उनके घर के नजदीक होने के चलते उपचार कराने में आसानी होगी। उधर, देर रात किसानों ने मशक्कत से आग पर काबू पाया गया। आग से झोपड़ी में रखा सामान व नकदी तथा बाहर खड़ी बाइक भी जल गई। किसानों का आरोप है कि आंदोलन को प्रभावित करने के लिए शरारती तत्व आग लगा रहे हैं। 5 नवंबर को भी झोपड़ी में आग लगी थी। आग लगने की घटना को लेकर बाबा गुरमीत सिंह ने रोते हुए बताया कि इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। लोगों के जोड़ों के दर्द का उपचार करने के लिए तैयार किया गया सामान व तेल आदि भी आग की भेंट चढ़ गए।
आग लगने के कारणों की करा रहे जांच
किसान नेता अरविंद सिंह गिल ने कहा कि सुबह उन्हें मोर्चे की झोपड़ी में आग लगने की सूचना मिली है। जिस पर वह यहां पहुंचे है। आग लगाकर आंदोलन को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। किसान इसकी जांच करा रहे हैं।
कुंडली बॉर्डर पर गांव रसोई के पास झोपड़ी में लगी आग से जली बाइक और सामान को देखते किसान व अन्य। संव- फोटो : Sonipat