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Haryana: ग्रैप का पहला चरण लागू, कूड़ा जलाने पर लगाया 5 हजार जुर्माना, टास्क फोर्स कमेटी का गठन

Tue, 15 Oct 2024 09:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एईई के नेतृत्व में टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया गया है। डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराए बिना 500 वर्ग मीटर में निर्माण करने वालों पर पूर्ण रोक है। सड़कों पर समय-समय पर मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव कराने के निर्देश हैं। ईदगाह रोड पर नगर निगम ने कूड़ा जलाने पर दुकानदार का 5000 रुपये का चालान किया गया है।
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ग्रैप लागू होने के बावजूद सड़क पर जलाया जा रहा कूड़ा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के साथ ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण मंगलवार से लागू हो गया है। ऐसे में अब लकड़ी वाले कोयले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
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केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सहायक पर्यावरण अभियंता (एईई) के नेतृत्व में टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी जिले में जाकर ग्रैप के नियमों का आकलन करेगी। नगर निगम ने पहले दिन अभियान चलाकर ईदगाह रोड पर कूड़ा जलाने के मामले में दुकानदार का 5000 रुपये का चालान किया है। ग्रैप नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 500 वर्ग से अधिक के भूखंड पर निर्माण से पहले डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया है। ऐसे भूखंड पर भवन, औद्योगिक या अन्य किसी भी तरह का निर्माण (सरकारी हो या गैर सरकारी) बिना पंजीकरण के नहीं किया जा सकेगा। पंजीकरण के बाद संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
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यह निगरानी रहेगी कि डस्ट तो नहीं फैल रहा है। भवन निर्माण सामग्री को ढक कर रखा गया है या नहीं। साथ ही निर्माण सामग्री को बिना ढके तो नहीं लाया जा रहा है। सेंसर कैमरे लगे हैं या नहीं। वायु गुणवत्ता नियंत्रण आयोग के नियमों का पालन करना होगा। यदि कोई बिना पंजीकरण निर्माण करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पराली जलाने पर पहले से है रोक
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पहले से पराली जलाने पर रोक है। प्रशासन की ओर से पराली जलाने के मामले में मुकदमे कराए जा रहे हैं। डंपिंग स्थानों पर नगर निगम, परिषद व पालिका की ओर से ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू), निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट कचरे का नियमित उठान करना होगा। कोई भी कचरा अवैध रूप से खुले क्षेत्रों में डाला नहीं जाएगा। वहीं, सड़कों पर समय-समय पर मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव करना होगा। डीजल जनरेटर सेट का उपयोग बिजली आपूर्ति के नियमित स्रोत के रूप में नहीं किया जा सकता है।

लोगों के लिए यह जरूरी
  • वाहनों में टायर का उचित दबाव बनाए रखें।
  • अपने वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखें।
  • लालबत्ती पर इंजन बंद कर दें।
  • अपने वाहन के इंजन को ठीक से ट्यून अप करके रखें।
  • हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें।
  • खुले स्थान पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं।
  • 10-15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन न चलाएं।
 
प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रैप का पहला चरण लागू हो गया है। साथ ही निगरानी के लिए टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया गया है। सभी लोग ग्रैप नियम का पालन करते हुए प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें। -प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
 
ग्रैप लागू होते ही शहर में निगरानी बढ़ानी शुरू कर दी है। सड़क पर कूड़ा जलाने पर पाबंदी है। ईदगाह रोड पर एक दुकानदार को कूड़ा जलाते हुए पकड़े जाने पर 5000 रुपये का जुर्माना किया गया है। -सतपाल सैनी, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम, सोनीपत।
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