संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। दहेज प्रताड़ना और बेटा न होने के तानों से तंग आकर महिला ने दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर शनि मंदिर के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
सूचना के बाद राजकीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच कर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। मायका पक्ष का आरोप है कि बेटी को बेटा पैदा न होने के चलते परेशान किया जाता था। बेटी के पास तीन बेटियां हैं। वहीं, पिता ने दहेज प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है।
राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि पुलिस को सोमवार को सूचना मिली कि शनि मंदिर के पास एक महिला ने ट्रेन संख्या 12006 कालका शताब्दी एक्सप्रेस के आगे कूदकर आत्महत्या की है। इसके बाद पुलिस ने जांच की तो महिला की पहचान सोनीपत के जटवाड़ा स्थित वाल्मीकि मोहल्ला निवासी बिंदु (35) के रूप में हुई। मामले की सूचना परिजनों को दी गई। शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शव गृह भिजवाया गया। सूचना मिलते ही महिला के मायका पक्ष के लोग भी अस्पताल पहुंचे।
गन्नौर निवासी रामनिवास ने आरोप लगाया कि उन्होंने बेटी बिंदु की शादी नवंबर, 2013 में जटवाड़ा स्थित वाल्मीकि मोहल्ला निवासी नितिन के साथ की थी। शादी के बाद से ही बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था। कई बार सामाजिक तौर पर समझौता भी किया। बार-बार समझाने पर भी ससुराल पक्ष बाज नहीं आया।
अक्सर बेटी को बुरी तरह पीटा जाता था। उसे घर से निकालने की धमकी दी जाती थी। सोमवार सुबह भी बेटी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई थी। इससे तंग आकर बेटी ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। पुलिस ने मामले में रामनिवास के बयान पर पति नितिन सहित सास, ससुर, जेठ व जेठानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। महिला के मायके वालों ने आरोप लगाया कि बेटी ने शादी के बाद तीन बेटियों को जन्म दिया था।