सहयोगी पदाधिकारियों के साथ पत्रकारवार्ता करते भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल।
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भाकियू के हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि प्रदेश के पांच जिलों के गन्ना उत्पादक किसान पांच फरवरी को भोजन व बिस्तर की व्यवस्था के साथ उत्तराखंड की निजी चीनी मिल का घेराव करने के लिए जाएंगे। यह घेराव अनिश्चितकालीन होगा और 34.25 करोड़ रुपये के पांच साल पुराने भुगतान के लिए किया जाएगा। वह गुरुवार को हरियाणा के गोहाना में रोहतक रोड स्थित एक निजी कार्यालय में पत्रकारवार्ता कर रहे थे।
सत्यवान नरवाल ने बताया कि वर्ष 2017 में हरियाणा में गन्ने का भाव 330 रुपये प्रति क्विंटल था। उस साल बंपर फसल हुई थी। प्रदेश की चीनी मिलों के गन्ना न लेने से मायूस होकर किसानों को अपना गन्ना उत्तराखंड में रुड़की स्थित धनश्री चीनी मिल में देना पड़ा था।
इस मिल ने तब किसी किसान से उसका गन्ना 330, किसी से 260 तो किसी से 250 रुपये प्रति क्विंटल के मनमाने दाम पर लिया था। इसके बावजूद पांच साल में गिनती के किसानों का मामूली भुगतान किया गया है। अब भी 34.25 करोड़ की राशि बकाया है।
यह रकम सोनीपत, पानीपत, रोहतक, करनाल और जींद जिले के किसानों की है। उन्होंने बताया कि भाकियू का प्रतिनिधिमंडल भुगतान को लेकर जब सीएम मनोहर लाल से मिला था, उस समय उन्होंने उत्तराखंड के सीएम को फोन किया था। उसके बाद भाकियू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में देहरादून में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड के सीएम से मिला था, लेकिन मामला आश्वासनों से आगे नहीं बढ़ सका।
अब तक किसानों का यह भुगतान नहीं हुआ। इससे किसानों में रोष है। इस मामले में पांचों जिलों के किसान मजबूर होकर 5 फरवरी से धनश्री चीनी मिल के बाहर डेरा डालेंगे। उनके अनुसार किसान वहां से जब तक तक वापस नहीं लौटेंगे, तब तक उनकी बकाया राशि की पूरी अदायगी नहीं हो जाएगी। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष संदीप उर्फ भगत सिंह समेत अन्य किसान भी मौजूद रहे।