हरियाणा के सोनीपत में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की ओर से 13 फरवरी को दिल्ली कूच की घोषणा के बाद से पुलिस पूरी तरह सतर्क है। जिले में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस ने आदेश जारी किए हैं कि बिना अनुमति पांच या उससे ज्यादा लोग एकत्रित नहीं होंगे।
एसकेएम (गैर राजनीतिक) ने 13 फरवरी को किसानों का दिल्ली कूच का एलान कर रखा है। किसान संगठनों ने इसे ''किसान आंदोलन-2'' का नाम दिया है। इस कूच में हरियाणा से सात, पंजाब के 10 व हिमाचल प्रदेश से एक संगठन समेत 18 किसान संगठनों के शामिल होने की बात कही जा रही है।
किसान इसे लेकर खरखौदा और गोहाना में ट्रैक्टर मार्च निकाल कर रिहर्सल कर चुके हैं। ऐसे में पुलिस आयुक्त बी सतीश बालन ने जिले में धारा-144 लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। अंदेशा है कि 13 फरवरी को किसानों के दिल्ली कूच के दौरान असामाजिक, शरारतीतत्वों की तरफ से किसानों में मिलकर सरकारी, गैर-सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाने, किसी भी स्थान पर रोड जाम करके यातायात को बाधित करने व शांति एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
इस पर धारा-144 लागू कर बिना अनुमति एक साथ पांच या अधिक लोगों के एकत्रित होने, पोस्टर लगाने, बैठक करने, पैदल या ट्रैक्टर-ट्राॅलियों व अन्य वाहनों के साथ जुलूस निकालने और किसी प्रकार के हथियार लेकर चलने पर पाबंदी लगा दी है।
जुलूस में लाठी, डंडा, हॉकी, भाला, कुल्हाड़ी, फरसा, जैली, रॉड, तलवार व हथियार लेकर चलने पर पूरी तरह से रोक है। वाहन पर डीजे या लाउडस्पीकर पर भड़काऊ संगीत बजाने, प्रचार करने, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ईंट, पत्थर के टुकडे लेकर चलने पर रोक लगा दी गई है।
सीपी ने कहा- शांति के लिए उठाए जा रहे कदम
सीपी बी सतीश बालन ने कहा कि शांति के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से 50 कंपनी हरियाणा को भेजी जा रही हैं, जिसमें से सोनीपत में भी केंद्रीय पुलिस बल को तैनात किया जाएगा। साथ ही पुलिस बल भी पूरी तरह तैयार है। असामाजिक तत्वों का सामना करने को पुलिस तैयार है। पहले सोनीपत की सीमा में आंदोलन के चलते लोगों को परेशानी हुई थी। तब रोजमर्रा के कार्य के साथ ही रोजगार, व्यापार प्रभावित हुआ था। इसे देखते हुए कई लोग उनसे मिले हैं। वह आश्वासन देते हैं कि उद्योग, कृषि, रोजगार में किसी को दिक्कत नहीं आने देंगे।