सोनीपत। कम आयु में पहलवानों को मेट पर चित करने वाले रोहित अपनी प्रतिभा को तराशने के लिए प्रतिदिन पांच से छह घंटे अभ्यास करते हैं। गांव जुआं निवासी रोहित गांंव स्थित अखाड़ा में करीब चार साल से पहलवानी के गुर सीख रहे हैं। रोहित का लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।
रोहित ने बताया कि पिता खेती करते हैं। वह एक सामान्य परिवार से आते हैं। महज छह वर्ष की आयु में ही उन्होंने अखाड़े में पहलवानी के गुर सीखना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि उनके गांव के पहलवान राष्ट्रीयस्तर पर पदक जीतकर लौटे थे, गांव में उनके स्वागत को देखकर कुश्ती करने के लालसा जगी। रोहित का लक्ष्य है कि वह भी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाकर जिले व गांव का मान बढ़ाए।
उन्होंने बताया कि पसंदीदा पहलवान 2020 के टोक्यो ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया हैं। वह भी ओलंपिक में पदक जीतना चाहते हैं। प्रशिक्षक संजीत पहलवान ने बताया कि रोहित छोटी सी आयु में कुश्ती सीखने आया था।
ये हैं उपलब्धियां
पहलवान रोहित ने साल 2022 में जिलास्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक व राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता था। साल 2023 में जिलास्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण और राष्ट्रीय स्कूली कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था।
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फोटो 15- पहलवान रोहित