हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने युवक से मोबाइल, नकदी और कागजात छीनने के मामले में सुनवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को पांच-पांच साल कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
रोहतक के गांव पोलंगी निवासी प्रदीप कुमार ने 17 अक्तूबर, 2020 को सिटी थाना पुलिस को बताया था कि वह चंडीगढ़ से आ रहे थे और उनको रोहतक स्थित अपने घर जाना था। वह चंडीगढ़ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
उन्होंने बताया कि 16 अक्तूबर, 2020 की रात को उन्होंने चंडीगढ़ से एक कार चालक सोनीपत तक ले आए थे। कार चालक ने उनको रात को करीब ढाई बजे कालूपुर चुंगी के पास उतार दिया था और बस अड्डे पर जाने को कहा था। वह पैदल बस अड्डे के लिए चल दिए थे, लेकिन रास्ता भटककर महलाना रोड पर चले गए थे।
तिरंगा चौक से आगे साइकिल सवार दो युवकों से जब उन्होंने रास्ता पूछा था तो उन्होंने उनका मोबाइल व पर्स छीन लिया था। पर्स में 4000 रुपये और जरूरी कागजात थे, जिसके बाद युवक भाग गए थे। पुलिस ने झपटमारी का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईए के तत्कालीन एएसआई सुनील कुमार की टीम ने साइबर की मदद से 8 जनवरी, 2021 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम नगर सोनीपत निवासी देव व राहुल के रूप में हुई थी। पुलिस ने उनसे छीना गया मोबाइल बरामद कर लिया था। उन्हें अदालत के निर्देश पर जेल भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। बुधवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने देव व राहुल को भादंसं की धारा 379ए में पांच-पांच साल कैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।