फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीकरी बॉर्डर जा रहे पंजाब के किसान की हादसे में मौत, साथी घायल

विज्ञापन
निजी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते भाकियू नेता व किसान। संवाद - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
रोहतक-पानीपत हाईवे पर बुधवार रात गांव माहरा के पास पंजाब के किसानों की ट्रॉली को एक ट्रक चालक ने टक्कर मार दी। तेज रफ्तार ट्रक चालक एक किसान को करीब 20 फुट तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में एक किसान की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से गुस्साए किसानों ने करीब दो घंटे तक रोहतक-पानीपत हाईवे जाम कर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसानों को शांत कराकर जाम खुलवाया और शव को कब्जे लेकर अस्पताल भिजवाया।
विज्ञापन

पंजाब के जिला बरनाला के गांव डेलवा निवासी लखविंद्र सिंह ने बरोदा थाना पुलिस को बताया कि उनके गांव के करीब 35 किसान दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने में शामिल होने जा रहे थे। बुधवार रात को पौने नौ बजे वे गोहाना से निकलकर रोहतक-पानीपत हाईवे स्थित गांव माहरा में एक ढाबे पर पहुंचे। वहां खानपान के लिए उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोक दिया था। इस दौरान पीछे वाली ट्रॉली से किसान बलजीत सिंह उर्फ मोटा (55) नीचे उतर रहा था, जबकि 80 वर्षीय किसान बलवंत सिंह ट्रॉली में बैठा हुआ था। उसी समय पीछे से एक ट्रक चालक तेज गति में आया और ट्रॉली को टक्कर मार दी। इससे बलजीत सिंह ट्रॉली व ट्रक के बीच में आकर बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद जब चालक ने ट्रक को वापस किया तो बलजीत सिंह सड़क के किनारे जा गिरा। उसके बाद ट्रक चालक भागते हुए उसे करीब 20 फुट तक घसीटता हुआ रोहतक की तरफ ले गया। बाद में वह फरार हो गया। हादसे में बलजीत की मौके पर मौत हो गई। ट्रॉली में बैठे बलवंत सिंह को भी सिलिंडर से टकराने के चलते काफी चोटें आईं। इसके बाद उन्होंने शव को सड़क के बीचोंबीच रखकर हाईवे जाम कर दिया, जिससे वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब दो घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। इससे अन्य वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया। वहीं वीरवार सुबह नागरिक अस्पताल में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किसान के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया।
बेटे के लिए नौकरी व परिवार के आर्थिक सहायता मांगी
गोहाना के नागरिक अस्पताल में किसान के शव का पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे साथी किसानों ने सरकार से बलजीत सिंह के बेटे को नौकरी व परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। उनके अनुसार बलजीत सिंह अपने पीछे पत्नी सिंद्रकौर, बेटा गुरविंद्र व बेटी हरजिंद्र को छोड़ गए। उन्होंने प्रशासन से ट्रक चालक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन

घायल को उपचार न देने का आरोप, निजी अस्पताल के बाहर किया प्रदर्शन
बलजीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके साथी किसान महम-रोहतक बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर पहुंचे। यहां उन्होंने भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल व ब्लॉक अध्यक्ष भगत सिंह के नेतृत्व में अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार रात हुए हादसे में घायल बलवंत सिंह को साथी किसान निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। यहां पर उसे प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया। उसके बाद किसान को पीजीआई रोहतक ले जाया गया। नरवाल ने आरोप लगाया कि प्राथमिक उपचार नहीं मिलने से किसान बलवंत सिंह के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की जांच की मांग की। करीब आधे घंटे तक हुए हंगामे के बाद किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल निजी अस्पताल के एमडी से भी मिला। अस्पताल के एमडी ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने रात की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई है। उसमें करीब डेढ़-दो मिनट ही किसान वहां रुके और घायल को वापस ले गए। स्टाफ ने बताया कि उन्होंने घायल को रोहतक पीजीआई लेकर जाने की बात कही। वह रात में नियुक्त स्टाफ से भी इसकी पूछताछ करेंगे। इसके बाद उन्होंने खुद घायल की जांच की, जिससे किसान शांत होकर लौट गए।
वर्जन
गांव माहरा के पास बुधवार रात को ट्रक की टक्कर से एक किसान की मौत व दूसरे के घायल होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने साथी किसान के बयान पर आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने चालक की तलाश भी शुरू कर दी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा।
- इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार, बरोदा थाना प्रभारी

मृतक किसान बलजीत सिंह का फाइल फोटो।- फोटो : Sonipat

गोहाना के नागरिक अस्पताल में शव लेने पहुंचे परिजन व साथी किसान, साथ में मौजूद पुलिस टीम। संवाद- फोटो : Sonipat

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें