हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में सोनीपत जिले ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़कर प्रदेश में टॉप स्थान हासिल किया है। तीन दिन पहले घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में प्रदेश की टॉप टेन सूची से बाहर रहे सोनीपत जिले ने 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में शानदार वापसी की है। 10वीं की परीक्षा में 85.06 प्रतिशत परिणाम के साथ सोनीपत प्रदेश में अव्वल रहा है। वहीं जिले से एक छात्रा ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। सोनीपत जिले के 17 हजार 926 विद्यार्थियों में से 15 हजार 248 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है। वहीं 672 विद्यार्थी फेल हुए हैं। जबकि 1049 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। प्रदेश में सोनीपत जहां पहले स्थान पर रहा, वहीं पंचकूला सबसे निचले पायदान पर रहा।
वर्ष 2017 के बाद से जिला बोर्ड परीक्षा के परिणाम में लगातार पिछड़ रहा था। वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के कारण बोर्ड परीक्षाएं नहीं हो पाई थी। सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया था। ऐसे में जिले का परीक्षा परिणाम 100 फीसदी रहा था। इसे छोड़ दें तो वर्ष 2017 के बाद से जिले का परीक्षा परिणाम 65 फीसदी से नीचे ही रहा था। राहत देने वाली बात यह है कि इस बार परीक्षा परिणाम पिछले पांच साल के मुकाबले सबसे अच्छा आया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षाएं मार्च-अप्रैल माह में हुई थी। बोर्ड अधिकारियों ने नकल रहित परीक्षा संचालित करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। जिले में बनाए गए 82 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संचालित की गई। नकल रोकने के लिए गठित टीमों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापा मारकर नकल करने वालों पर शिकंजा कसा। इस दौरान कई विद्यार्थियों को नकल करते पकड़ा, तो कहीं पर नियमों की अवहेलना देख परीक्षा ही रद्द कर दी थी। जो बाद में संचालित करवाई गई। 10वीं कक्षा के परिणाम में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर सोनीपत ने अपने शिक्षा हब के नाम को सार्थक किया है।
वर्ष 2020 के मुकाबले 21.95 फीसदी सुधरा परिणाम
जिले का परीक्षा परिणाम वर्ष 2017 में 62.94 फीसदी था, जो अगले साल वर्ष 2018 में नीचे खिसककर 56.45 फीसदी तक पहुंच गया था। वर्ष 2019 में परीक्षा परिणाम में उछाल आया और परिणाम 60.92 फीसदी तक पहुंच गया था। जिले के विद्यार्थियों ने इसमें और सुधार किया और वर्ष 2020 में परीक्षा परिणाम 63.11 फीसदी तक पहुंचाने में कामयाब रहे। वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं नहीं हो सकी थी। बोर्ड ने सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया था। जिस कारण वर्ष 2021 में जिले का परीक्षा परिणाम 100 फीसदी रहा था। वर्ष 2022 में 10वीं कक्षा का परिणाम गत पांच वर्षों के मुकाबले सबसे बेहतर रहा है।
पिछले परिणामों की तुलना
वर्ष परीक्षा परिणाम
2017 62.94 फीसदी
2018 56.45 फीसदी
2019 60.92 फीसदी
2020 63.11 फीसदी
2021 100 फीसदी (बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट किए)
2022 85.06