किसानों की रैली का फूलों से किया गया स्वागत।
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कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बॉर्डर से ट्रैक्टर रैली लेकर निकले किसान दिल्ली में प्रवेश कर गए हैं। किसान नेता भी उनके साथ पैदल व गाड़ियों में सवार होकर अगवानी करते हुए निकल लिए हैं। कई किसान नेता जहां अभी पैदल ही दिल्ली की सीमा में पहुंचे हैं वहीं भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी अपनी जीप में साथी किसानों के साथ दिल्ली की तरफ रवाना हो गए हैं।
पंजाब के किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल अन्य किसान नेताओं के साथ परेड में शामिल हो गए हैं। वह गाड़ी में सवार होकर दिल्ली के लिए निकले हैं। उनकी गाड़ी को निकालने के लिए युवा सिख उनके आगे डंडे लेकर चल रहे हैं। बलबीर सिंह राजेवाल लगातार लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए आगे बढ़ रहे है। दिल्ली में किसानों की परेड का फूलों से स्वागत किया जा रहा है।
हालांकि किसानों को दस बजे के बाद दिल्ली में ट्रैक्टर परेड की अनुमति मिली थी, लेकिन इससे करीब एक घंटा पहले ही किसान ट्रैक्टर परेड के लिए निकल लिए। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड स्वयं हटाने की बात कही थी, लेकिन सिंघु बॉर्डर पर जब सुबह सात बजे तक बैरिकेड नहीं हटाए गए तो किसानों ने स्वयं ही बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए।
कुंडली बॉर्डर से ट्रैक्टर परेड लेकर दिल्ली जा रहे किसान नगर कीर्तन भी निकाल रहे हैं। नगर कीर्तन के दौरान लगातार गुरुबाणी का पाठ किया जा रहा है। इस दौरान किसानों में भक्ति की भावना भरने के लिए लगातार जयघोष कराया जा रहा है। नगर कीर्तन में पंज प्यारे आगे चल रहे हैं। उनकी अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला जा रहा है।
पंजाब के रहने वाले सिख सैनिक देश की सेवा के बाद रिटयारमेंट लेने के बाद अब किसानों की सेवा में आ गए हैं। किसान परेड में शामिल सिख सैनिकों ने कहा कि वह 31 जनवरी को रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में पांच दिन पहले ही रिटायरमेंट लेकर किसानों की परेड में शामिल होने आ गए हैं। वह वर्दी में किसानों के बीच पहुंचे हैं।
इस दौरान एक बार तनातनी भी हुई, लेकिन बाद में किसान एक तरफ के बैरिकेड हटाकर अपने ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में घुसना शुरू हो गए। परेड में हर तरह की झांकी को शामिल किया गया है। देशभक्ति के गीत बजाए जा रहे है और महिलाओं की भी काफी संख्या है। दिल्ली में किसानों की परेड का फूलों से स्वागत किया जा रहा है।