कुंडली बॉर्डर पर नगर कीर्तन के दौरान गतका खेलते निहंग सिख। संवाद
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों ने गुरु नानक देव की जयंती के उपलक्ष्य में जीटी रोड पर कुंडली बॉर्डर से केजीपी-केएमपी जीरो प्वाइंट तक नगर कीर्तन निकाला। इस दौरान निहंगों ने गतका खेला तो जत्थेबंदियों ने गुरु नानक देव की शिक्षाओं को याद किया।
रविवार को कुंडली बॉर्डर पर निकाले गए नगर कीर्तन के दौरान यहां अलग ही छटा दिखाई दी। इस दौरान जगह-जगह गुरबाणी, शबद कीर्तन व गुरु नानक देव की गाथा का गुणगान होता रहा। बॉर्डर गुरुद्वारों की तरह दिखाई दिया। नगर कीर्तन में पूरा हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान सिख युवाओं ने जहां व्यवस्था का जिम्मा संभाला तो वहीं निहंग श्रद्धालुओं ने घोड़ों के साथ करतब दिखाए। साथ ही तलवारबाजी कर बहादुरी का परिचय भी दिया। इसके अलावा सिखों ने राहगीरों को प्रसाद वितरित किए। पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब की झांकी निकालकर सबकी भलाई की अरदास की गई।
भाईचारे का दिया संदेश, बॉर्डर पर निकाली गई झांकी
गुरु नानक देव की जयंती के उपलक्ष्य पर कुंडली बॉर्डर पर झांकी निकाली गई, जिसके माध्यम से न केवल एकता का परिचय दिया बल्कि भाईचारे की भी सीख दी गई। इस दौरान एक तरफ जहां सिख श्रद्धालु झांकी में शामिल रहे तो वहीं हरियाणा के युवाओं ने व्यवस्था का जिम्मा संभाला। नगर कीर्तन के दौरान भी लगातार भाईचारे का संदेश देते रहे।
निहंगों के करतब देखने उमड़ी भीड़
नगर कीर्तन में शामिल निहंगों ने जमकर बहादुरी व कौशल का प्रदर्शन किया। यहां घोड़ों पर करतब दिखाए गए तो तलवारबाजी भी प्रदर्शित की गई। निहंग जत्थेदार राजाराज सिंह ने बताया कि निहंग सदस्यों ने यहां पर जमकर बहादुरी दिखाई है। घोड़ों पर अनेक करतब व कलाबाजियों में सभी माहिर हैं। उन्होंने कहा कि सिख कौम ने सदा दूसरों की सेवा के लिए कुर्बानी दी है। इस दौरान सिख श्रद्धालुओं में शामिल पंज प्यारों ने भी गुरु नानक देव के जयकारे लगाए। बॉर्डर पर ही बनाए गए गुरुद्वारे में सभी के कल्याण की अरदास की गई।