सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की ओर से 13 फरवरी को दिल्ली कूच की घोषणा के बाद से पुलिस और जिला प्रशासन किसानों को रोकने की तैयारी में लगा है। इसको लेकर पुलिस आयुक्त (सीपी) बी सतीश बालन और उपायुक्त (डीसी) डॉ. मनोज कुमार ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम पुलिस अधिकारियों ने तालमेल रखें और हर स्थिति का सामना करने को तैयार रहें। वहीं गन्नौर एसडीएम व एसीपी ने पानीपत सीमा के हलदाना बॉर्डर पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। दिल्ली के गांव सिंघोला और खरखौदा-दिल्ली के औचंदी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने सड़क के किनारे पत्थर व बैरिकेड्स रे रखवा दिए हैं। उधर, किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने वीडियो जारी कर किसानों से सहयोग मांगा है। उन्होंने इसे फसल और नस्ल बचाने की लड़ाई बताया।
लघु सचिवालय में शनिवार को हुई बैठक में सीपी बी सतीश बालन ने कहा कि एसडीएम व पुलिस अधिकारी बेहतर तालमेल रखें। कानून-व्यवस्था को किसी भी सूरत में भंग नहीं होने दिया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सभी पहलुओं पर चर्चा की गई है। सरकार भी किसानों के संपर्क में है। किसान प्रदेश में आते हैं तो उन्हें रोकने के लिए अंबाला में भी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस नाके लगाए जा रहे हैं। किसी प्रकार का उपद्रव नहीं होने दिया जाएगा। उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखने का अधिकार सबका है, लेकिन किसी भी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। किसान लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराए। हिंसात्मक गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। हर स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। एसडीएम अपने क्षेत्र का दौरा करें और किसान संगठन से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर उन्हें शांति व बातचीत के लिए तैयार करें।
हलदाना बॉर्डर पर प्रशासन अलर्ट, पत्थर रखवाए
गन्नौर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। किसानों को रोकने के लिए हलदाना बॉर्डर पर पत्थर मंगवाकर सड़क के किनारे रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर हलदाना बॉर्डर को सील कर दिया जाएगा। फिलहाल रास्ता खुला है। सुरक्षा को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल के 90-90 जवानों की दो कंपनी गन्नौर में डेरा डाले है। शनिवार को एसीपी गोरखपाल राणा व एसडीएम गन्नौर डॉ. निर्मल नागर सुरक्षा के दृष्टिगत हलदाना बार्डर पहुंचे और वहां की जाने की वाली व्यवस्था से पहले उनका जायजा लिया। एसडीएम डॉ. निर्मल नागर व एसीपी गोरखपाल राणा ने बताया कि किसान आगे बढ़ते हुए हलदाना बॉर्डर पर आए तो उन्हें रोका जाएगा। शांतिप्रिय ढंग से बात नहीं बनी तो सख्ती भी बरती जाएगी। किसानों को रोकने के लिए सड़क को उखाड़ना पड़ा तो उसे भी उखड़वा दिया जाएगा।
हरियाणा से दिल्ली जाने वालों हाईवे पर पुलिस की नजर
दिल्ली पुलिस भी किसानों की तैयारियों पर नजर रखे है। खासकर हरियाणा के कुंडली बॉर्डर से आगे सिंघोला गांव के पास पुलिस व अर्धसैनिक बल की कंपनी लगाई गई है। सिंघोला के पास भारी मात्रा में पत्थर व लोहे के बैरिकेड्स रखवाए जा रहे हैं। औचंदी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस पूरी निगरानी रखे हुए हैं। अगर किसान यहां से दिल्ली में प्रवेश का प्रयास करते हैं तो उन्हें भी रोका जा सके।
शंभू, डबवाली व खनोरी बॉर्डर से बढ़ेंगे आगे : कुहाड़
किसान संगठनों ने दिल्ली कूच की घोषणा के बाद किसानों ने ट्रैक्टर के साथ प्रदेश के तीन बॉर्डर पर जमा होने और वहां से आगे जाने की घोषणा की है। किसान अंबाला में शंभू बॉर्डर, जींद में खनोरी बॉर्डर व सिरसा में डबवाली बॉर्डर पर किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के सदस्य एवं भारतीय नौजवान किसान यूनियन के संयोजक अभिमन्यु कुहाड़ ने वीडियो जारी कर किसानों को कहा कि 13 फरवरी को सभी किसान ट्रैक्टर लेकर अपने नजदीक के बॉर्डर पर पहुंचे, वहां से दिल्ली कूच किया जाएगा। रास्ते में आने वाले हर अवरोधक को हटाकर दिल्ली पहुंचेंगे। वीडियो में कहा गया है कि एमएसपी कानून गारंटी से लेकर लखीमपुर खीरी मामले में किसान यदि न्याय चाहते हैं तो किसी भी किसान का ट्रैक्टर 13 फरवरी को घर पर नहीं खड़ा रहना चाहिए। उन्हें अंदेशा है कि एक-दो दिन में सरकार इंटरनेट सेवाओं को बंद कर देगी। ऐसे में किसान नेताओं से फोन पर संपर्क जारी रहेगा।