सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को गोहाना रोड पर रतनगढ़ अड्डे के पास किसानों ने ट्रैक्टरों की लंबी शृंखला बनाकर अपना रोष जताया। उन्होंने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, ऑल इंडिया किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), किसान मजदूर पंचायत के सदस्य भी शामिल हुए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार की ओर से एमएसपी कानून नहीं बनाया व अन्य मांगों को पूरा नहीं किया तो 14 मार्च को दिल्ली में महापंचायत करके आंदोलन का एलान कर दिया जाएगा।
एसकेएम की जिला इकाई के सदस्य ईश्वर सिंह राठी, भगत सिंह, ईश्वर सिंह दहिया, हंसराज राणा ने बताया कि सरकार की ओर से एमएमपी कानून नहीं बनाया जा रहा है। सरकार अपने वादों से मुकर रही है। तीन कृषि कानूनों के वापसी के साथ बिजली संशोधन बिल को वापस लिया गया था, लेकिन सरकार अब जनता पर प्रीपेड और स्मार्ट मीटर के रास्ते से बहुत बड़ा बोझ डालने जा रही है। पिछले दिनों कुछ पंजाब के किसान संगठनों ने इन मांगों को लेकर दिल्ली आने का प्रयास किया। उनको प्रयास को पुलिस की लाठी, गोली व आंसू गैस से दबाया जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा भाजपा सरकार की निंदा करता है। सबको आंदोलन करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी पंचायत की जाएगी, जिसमें सरकार के खिलाफ आंदोलन निर्णय लिया जाएगा। इस पंचायत में देशभर से किसान पहुंचेंगे। साथ ही मांग की गई पंजाब के बॉर्डर पर जान गंवाने वाले किसान को शहीद का दर्जा दिया जाए और गाेलीबारी करने वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उनको गिरफ्तार किया जाए। इस दौरान कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी, राज सिंह दलाल, शीलकराम मलिक, रणबीर मलिक, वजीर सिंह, जयकरण दहिया, बिजेंद्र दहिया, सुरेंद्र छिक्कारा, बलबीर सिंह, डॉ. सतपाल भी मौजूद रहे।