सोनीपत/राई। कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर आखिरकार 14 दिन बाद सर्विस रोड खोल दी गई। दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने पानीपत से दिल्ली मार्ग पर सर्विस रोड की एक लेन खोली है। वहीं दिल्ली-पानीपत मार्ग पर दोनों लेन खोल दी गई है। ऐसे में आवागमन शुरू होने के बाद दोनों तरफ जाम के हालात बन गए।
उद्योगों से निकले भारी वाहनों के कारण स्थिति अधिक खराब रही। इससे पहले कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर रविवार देर रात तक बुलडोजर से सीमेंटेड दीवार को तोड़ने का काम जारी रहा। इसके चलते सोमवार सुबह सर्विस रोड खोल दी गई। उम्मीद है कि मंगलवार को और राहत दी जा सकती है। किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद पंजाब के किसान 13 फरवरी को अंबाला के शंभू बॉर्डर पर आ डटे थे।
वहां से उनका सुरक्षा बलों के साथ टकराव हो गया था। इसके बाद सोनीपत व दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस प्रशासन ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर अभेद्य किलेबंदी कर दी थी। सीमेंट की दीवार खड़ी कर दी गई थी। ऐसे में शनिवार शाम को वाहन चालकों को राहत देने के लिए कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर सर्विस रोड को खोलने का निर्णय लिया गया।
ऐसे में मजबूत दीवारों को तोडऩे में दिल्ली प्रशासन के पसीने छूट गए। रविवार देर रात तक काम करने के बाद सोमवार तक सर्विस लेन के सामने बनाई गई दीवारों को ही आंशिक रूप से तोड़ा गया है। सुबह दीवारों का टूटा मलबा भी उठा दिया गया और करीब 11 बजे सर्विस लेन को वाहनों के लिए खोल दिया गया।
पानीपत-दिल्ली सर्विस रोड पर एक लेन खोली
किसानों का आंदोलन अभी टला नहीं है। ऐसे में पानीपत-दिल्ली सर्विस रोड पर केवल एक लेन को ही दिल्ली पुलिस ने खोला है। ऐसे में मार्ग तंग होने के चलते खोलने के कुछ देर बाद ही जाम के हालत बन गए। लंबी कतार लग गई। मार्ग खुलने की सूचना पर दोपहर तक उद्योगपतियों ने भी अपनी फैक्टरियों से माल के भरे भारी वाहनों को नेशनल हाईवे-44 से रवाना कर दिया। इससे हालात गंभीर हो गए। पुलिस ने मशक्कत कर वाहनों को निकलवाया और हालात सामान्य करने का प्रयास किया। लेकिन रात तक भी जाम की स्थिति बन रही थी।
29 फरवरी के बाद फ्लाईओवर खोलने पर विचार
उद्योगपतियों व क्षेत्र के लोगों और दुकानदारों ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि जाम की स्थिति को देखते हुए सर्विस रोड को पूरी तरह से खोल दिया जाए। साथ ही फ्लाईओवर को भी खोला जाए। हालांकि पुलिस का मानना है कि किसानों का आंदोलन भले ही शांत है पर यह आशंका लगातार बनी हुई है कि किसान दिल्ली कूच का एलान फिर से कर सकते हैं। ऐसे में 29 फरवरी को किसानों के साथ सरकार की होने वाली बैठक पर नजर है। उसमें सकारात्मक पहल होने पर ही फ्लाईओवर खोला जा सकता है।
वर्जन
मैं कुंडली में जॉब करता हूं। रोड खुलने से काफी राहत मिल सकेगी। अब तो बाइक से भी आवागमन हो सकेगा। पहले 10 किलोमीटर का सफर दो घंटे में पूरा होता था। जाम का भी कोई समाधान निकल आएगा। -अजय निवासी नरेला, दिल्ली।
वर्जन
कारोबार के सिलसिले में दिल्ली का आवागमन होता है। बॉर्डर बंद होने से काफी फेरी लगाकर जाना पड़ रहा था। अब हाईवे को आंशिक रूप से खोला गया है। इससे राहत तो मिलेगी, लेकिन जाम मुसीबत बन रहा है। दिल्ली प्रशासन को चाहिए कि वह पूरी तरह से हाईवे को खोल दें। जिससे लोगो को परेशानी से बचाया जा सके। -सुमित कुमार, कारोबारी सोनीपत।