किसानों ने पीआर धान की सरकारी खरीद 11 अक्तूबर से किए जाने के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर सांसद रमेश कौशिक के आवास पर धरना दिया। किसान छह घंटे तक सांसद के आवास पर डटे रहे और गांधीगीरी के साथ धरना दिया। इस दौरान किसानों ने सांसद आवास का पानी तक पीने से मना कर दिया। किसानों को सांसद आवास पर जाने के लिए पुलिस ने रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन किसान नहीं माने और पुलिस के बैरीकेड के पास ही धरना शुरू कर दिया। शाम छह बजे सरकार के धान की खरीद शुरू करने के निर्णय के बाद ही किसान वहां से हटे।
मंडियों में सप्ताहभर से की आवक शुरू हो चुकी है। धान की बिक्री भी हो रही है। परंतु सरकार की तरफ से धान की पीआर किस्म की खरीद अब तक शुरू नहीं हो पाई है। सरकारी खरीद शुरू होने को लेकर पहले 25 सितंबर व बाद में 1 अक्तूबर का समय दिया गया था। 1 अक्तूबर को भी खरीद शुरू नहीं हो पाई और अगली तारीख 11 अक्तूबर रखी गई। जिसके चलते संयुक्त किसान मोर्चा शुक्रवार को बैठक कर शनिवार को सभी एमपी व एमएलए के आवास पर धरना शुरू करने का निर्णय लिया था। इसके लिए शनिवार को सुबह किसान दस बजे अग्रसेन चौक पर एकत्रित हुए। यहां पर धरना देने के बाद वह 12 बजे सांसद रमेश कौशिक के आवास पर पहुंचे।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि सरकार पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दे रही हैं, वहीं खरीद न करने के भी अलग-अलग बहाने बना रही हैं। बाजरा की सीधी खरीद करने से भी सरकार ने हाथ खड़े कर लिए है। सरकार कुछ प्रतिशत ही बाजरा खरीदने की बात कह रही है। जबकि किसानों ने सरकार की जल संरक्षण मुहिम को बढ़ाने के लिए काफी संख्या में बाजरा उगाया था। पीआर धान की खरीद की तिथि लगाता बढ़ाई जा रही है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। सरकार तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को भी गंभीरता से नहीं ले रही हैं। इस दौरान सत्यवान नरवाल, डॉ. राजेश दहिया, नरेश दहिया, ब्रह्म सिंह दहिया, बिंदू चौहान, रमेश आंतिल, राजेंद्र दहिया आदि मौजूद रहे।
शाम छह बजे खरीद शुरू करने की सूचना पर हटे किसान
किसान नेता डॉ. राजेश दहिया ने बताया कि किसानों की मांग जायज है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों के आगे झुकना पड़ा। शाम छह बजे एसकेएम की तरफ से सूचना मिली कि पीआर धान की खरीद करने को सरकार तैयार हो गई। उसके बाद धरना समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि किसान तीन कृषि कानूनों को भी रद्द कराने में सफल रहेंगे।
पुलिस ने रोका तो वहीं शुरू किया धरना
अग्रसेन चौक से किसान रोष प्रदर्शन करते हुए एमपी रमेश कौशिक के आवास पर पहुंचे। उनके आवास से पहले ही पुलिस ने बैरिकेड लगा रखे थे। जिस पर किसान गली में ही बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। शाम छह बजे ही किसानों ने धरना उठाया।
विधायक के आवास का घेराव करने नहीं पहुंचे किसान संगठन
गन्नौर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाजपा विधायक के आवास का घेराव किया जाना था। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टिगत शनिवार को सुबह काफी संख्या में पुलिस बल को विधायक निर्मल चौधरी के आवास के बाहर तैनात कर दिया गया था, लेकिन विधायक निर्मल चौधरी के आवास पर न होने से किसान संगठन भी विधायक आवास का घेराव करने नहीं पहुंचे। वहीं घेराव न किए जाने पर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के ब्लॉक अध्यक्ष विरेंद्र ने बताया कि उनकी तबीयत खराब होने के कारण यूनियन व किसानों को विधायक आवास का घेराव करने का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।