सोनीपत शहर के थाना पुलिस ने सेक्टर-23 में रहने वाले सीबीआई में नियुक्त सीआरपीएफ के सिपाही के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पहले ही भ्रष्टाचार के मामले में नामजद सिपाही के घर सीबीआई की तलाशी के दौरान हरियाणा पुलिस का फर्जी पहचान पत्र व कुछ कागजात मिले थे। जिसके चलते सीबीआई के एसपी ने सिटी थाना सोनीपत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि सीबीआई की तरफ से मिले पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब मामले की जांच की जाएगी।
दिल्ली में सीबीआई के एसपी सुधांशु धर मिश्रा ने एसपी सोनीपत को पत्र भेजा है कि सीबीआई में नियुक्त सिपाही सुभाषचंद्र के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच उसने आय से कई गुणा अधिक संपत्ति अर्जित की। उसने करीब 381 फीसदी ज्यादा संपत्ति अर्जित की। जांच के बाद उसके पास से आय से अधिक संपत्ति मिलने पर मुकदमा दर्ज हुआ था। उसके घर की तलाशी लेने पर घर से हरियाणा पुलिस का फर्जी पहचान पत्र, आय-व्यय व निवेश से संबंधित कुछ कागजात मिले थे।
आरोपी वर्ष 1991 में सीआरपीएफ में नियुक्त हुआ था। उसके बाद अलग-अलग जगह नियुक्त रहा। वह कई साल से सीबीआई में है। उसे वर्ष 2004 में सीबीआई में स्थायी रूप से शामिल कर लिया गया था। उसके घर से मिले हरियाणा पुलिस के फर्जी पहचान पत्र पर हरियाणा पुलिस के आईपीएस अधिकारी के. साल्वराज के हस्ताक्षर हैं। वह भी जाली हैं। उन्होंने एसपी सोनीपत को भेजे पत्र में फर्जी पहचान पत्र रखने के मामले में कार्रवाई को लिखा है। इस पर सिटी थाना पुलिस ने भादंसं की धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी पुलिस को पहचान पत्र की प्रति नहीं मिली है। पुलिस पता लगाएगी कि पहचान पत्र किस स्तर के अधिकारी का है।
मामले को लेकर एसपी सीबीआई की तरफ से पत्र मिला था। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी। आरोपी सिपाही पहले ही आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में नामजद है।
- इंस्पेक्टर सवित कुमार, थाना प्रभारी, सिटी सोनीपत