देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को संसद में आम बजट पेश करेगी, जिसको लेकर हर वर्ग की निगाह इस बजट पर है। आम बजट को लेकर शहरवासियों को आस है कि महंगाई से राहत मिलेगी और रोजगार के रास्ते खोले जाएंगे। एक फरवरी को पेश किए जाने वाले आम बजट से हर वर्ग को उम्मीद है कि वित्तमंत्री हर वर्ग का विशेष ध्यान रखेंगी और यह बजट सभी वर्गों को राहत देने वाला होगा।
बोले शहरवासी
उच्चतर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाएं उचित कदम
कोरोना महामारी के कारण उच्चतर शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। महाविद्यालय लंबे समय से बंद रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में बजट से उम्मीद है कि उच्चतर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। कोरोना संक्रमण की वजह से पैदा हुए हालात के कारण शिक्षा के बजट को दोगुना करने की आवश्यकता है।
- एसके जावा, प्राचार्य, हिंदू महाविद्यालय
कोरोना काल में झेली बड़ी मार, मिले विशेष पैकेज
कोरोना काल में इंडस्ट्रीज को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। अनेक उद्योग बंद हो गए, मजदूर बेरोजगार हो गए। उसके बाद किसान आंदोलन के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा है। इस स्थिति को देखते हुए बिजली के मिनिमम बिल खत्म किए जाएं। राई व कुंडली वालों को एचएसआईआईडीसी व म्यूनिशिपल कमेटी दोनों जगह टैक्स देना पड़ रहा है। इनमें से एक बंद किया जाए, क्योंकि छोटी इंडस्ट्री उठेगी तभी देश विश्व गुरु बनेगा।
- राकेश देवगन, प्रधान, राई इंडस्ट्रीज मेन्यूफेक्चरिंग एसोसिएशन
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व्यापारियों के लिए घोषित हो राहत पैकेज
कोरोना काल के बाद से व्यापारी वर्ग पूरी तरह से परेशान है। पहले कोरोना की मार झेली, फिर एक साल तक जीटी रोड बंद होने के कारण आर्थिक मार झेलनी पड़ी। रियल एस्टेट की बात हो या अन्य क्षेत्रों की, सभी जगह भारी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार को बजट में व्यापारियों की स्थिति का भी ध्यान रखते हुए राहत पैकेज घोषित किया जाना चाहिए, ताकि खत्म होते व्यापार में नई जान आ सके और लोगों के लिए रोजगार के लिए रास्ते खुल सकें।
- संजय शर्मा, रियल एस्टेट
युवाओं के लिए खोले जाएं रोजगार के रास्ते
कोरोना महामारी में अनेक युवा बेरोजगार हो गए। जो युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, वे परीक्षाएं रद्द होने से मायूस हैं। बजट से उम्मीद है कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोले। सरकारी के साथ निजी क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाए, ताकि बेरोजगारी की बढ़ती समस्या कम हो सके। इस दिशा में काम नहीं हुआ तो हालात बिगड़ जाएंगे। बेरोजगारी पर ध्यान देते हुए विशेष घोषणा की जाए।
- गौरव गर्ग, युवा
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महंगी हो रहीं दवाइयों की तरफ दिया जाए ध्यान
कोरोना काल कठिनाइयों भरा रहा है। मेडिकल क्षेत्र में दवाइयों के दाम आसमान छू रहे हैं, जबकि वास्तव में उन पर लागत बेहद कम है। दवाओं के बढ़ते दामों की वजह से यह आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। ऐसी स्थिति में आमजन को राहत देते हुए दवाइयों के दाम कम किए जाने चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत है। - राकेश कुमार, मेडिकल स्टोर संचालक
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स्कूलों को खोलने की हो व्यवस्था
कोरोना काल के बाद से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित रही है। ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई नहीं हो पा रही। परीक्षाओं की तैयारियों पर भी वितरित असर पड़ा है। बजट से उम्मीद है कि स्कूलों को खोलने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही सरकारी स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने की तरफ भी ध्यान दिया जाए तो विद्यार्थियों को लाभ मिल सकेगा।
- परविंद्र, विद्यार्थी
बिगड़ गया रसोई का बजट, महंगाई पर लगे अंकुश
कुछ वर्षों से महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। बढ़ती महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़कर रख दिया है। गैस सिलिंडर के दाम 900 रुपये पार चले गए हैं। सब्सिडी के नाम में महज तीन रुपये दिए जा रहे हैं। तेल और सब्जियों के दामों ने हालत खस्ता कर दी है। सरकार को बजट में बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाने चाहिए। आम जरूरत की वस्तुओं के दामों में कटौती करनी चाहिए।
- सुमन आंतिल, गृहिणी