स्थायी व्यवस्था करने में जुटे किसान, लंबा चल सकता है आंदोलन
बारिश के कारण सड़क पर पानी भरने के बाद किसानों ने उसे निकाला, लेकिन उसके बाद भी बादल होने के कारण सड़क नहीं सूख सकी। जिससे किसानों का सड़क पर गद्दे डालकर सोना नामुमकिन है। इसलिए कुछ किसानों ने एक-दूसरे की ट्राली में सोने की व्यवस्था कर ली तो बड़ा वारटप्रूफ टेंट भी लगाया। जिसके नीचे लकड़ी की मेज लगाई गई और उनपर गद्दे डालकर सोने की व्यवस्था की गई है। इस तरह से किसान अब स्थायी व्यवस्था करने में लगे हैं। ऐसे में वहां बारिश, कोहरा, हवा सभी से किसान बचे रहेंगे और आंदोलन लंबा चलता है तो उनको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
बारिश के कारण धरनास्थल रहा खाली
बारिश के कारण पानी भरने से किसान धरनास्थल पर नहीं बैठ सके और धरनास्थल मंगलवार को पूरी तरह से खाली रहा। किसानों ने लंगर को जरूर बचाए रखा, जिससे किसी को खाने की परेशानी नहीं हो। इस तरह लगातार हो रही परेशानी के बावजूद किसानों का हौसला नहीं टूट रहा है। आंदोलन में किसी तरह की परेशानी नहीं आए, उसके लिए किसानों ने धरनास्थल के ऊपर वाटरप्रूफ टेंट लगाना शुरू कर दिया है। धरनास्थल पर टेंट लगाने के लिए सभी सामान पंजाब से लाया जा रहा है और वहां से कई वाहनों में पाइप, बांस, पॉलीथिन का टेंट लाया गया है।
बारिश से कुछ परेशानी जरूर हुई है, लेकिन किसानों का हौसला टूटने वाला नहीं है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए आए हैं और अपना हक लिए बिना वापस नहीं जाने वाले हैं। अब यहां वाटरप्रूफ स्थायी टेंट लगा दिए गए हैं और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। जिससे किसानों को कोई परेशानी नहीं हो सके और सरकार से अपने हक की लड़ाई लड़ते रहे। - गुरनाम सिंह चढूनी, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा