बीपीएस महिला विवि की कार्यकारी परिषद (ईसी) ने अस्थायी सहायक प्रोफेसरों को 57 हजार 700 रुपये का एकमुश्त वेतन प्रदान करने के आदेश को हरी झंडी दिखा दी है। अब तक अस्थायी सहायक प्रोफेसर केवल 25 हजार रुपये मासिक के वेतन पर काम करने के लिए मजबूर हैं। यह दावा बुधवार को अस्थायी सहायक प्रोफेसरों की एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मलिक और महासचिव इंदु ठाकुर ने किया।
विजय मलिक ने बताया कि विवि में 135 अस्थायी सहायक प्रोफेसर हैं। उनको छठे वेतन आयोग के हिसाब से 25 हजार रुपये मासिक का वेतन चुकाया जा रहा है। दो साल दो महीने पहले सितंबर 2019 में स्वयं महिला विश्वविद्यालय ने आदेश जारी किया था कि उनको सातवें वेतन आयेाग के अनुरूप 57 हजार 700 रुपये का एकमुश्त वेतन दिया जाएगा। तब दो महीने बाद नवंबर 2019 में हुई ईसी की बैठक में इस आदेश पर मुहर लगा दी गई, लेकिन उसके बावजूद अब तक 25 हजार रुपये का वेतन ही दिया जा रहा है। उनके अनुसार नौ दिन पहले कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह अनायत की अध्यक्षता में ईसी की जो बैठक हुई, उसमें अंतिम निर्णय हो गया कि अस्थायी सहायक प्रोफसरों को 15 नवंबर 2021 से 57 हजार 700 रुपये का एकमुश्त नया वेतन दे दिया जाएगा। यह भुगतान यूजीसी द्वारा तय न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही मिलेगा। इस पर एसोसिएशन ने कुलपति और रजिस्ट्रार सहित पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया और मांग की कि दिसंबर में नया वेतन दे दिया जाए।