फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली बिलों में गड़बड़ी, जमा कराने के बाद भी बताया जा रहा बकाया

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली निगम के अफसरों की अनदेखी के कारण गलत बिलों का वितरण किया जा रहा है। निगम की लापरवाही का खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकतर बिजली बिलों में गड़बड़ी होने के बावजूद लोगों को बिल ठीक कराने के लिए गर्मी में कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अमर उजाला टीम ने सोमवार को औद्योगिक क्षेत्र बिजली सब डिविजन कार्यालय का स्थिति का जायजा लिया।
विज्ञापन

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए बिजली निगम की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। इसके साथ ही बिजली बिल जमा कराने के लिए केवल एक काउंटर खोल रखा है, जिससे बिल जमा कराने वालों को लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। उसमें भी दोपहर बाद बिजली बिल काउंटर को बंद कर दिया जाता है।
बिजली निगम के औद्योगिक क्षेत्र सब डिविजन में करीब 20 हजार उपभोक्ता हैं। बिजली निगम की ओर से लोगों को गलत बिजली बिलों का वितरण किया जा रहा है। किसी का बिल गलत रीडिंग के आधार पर ज्यादा भेजा जा रहा है तो किसी के बिल जमा करने के बावजूद पिछली राशि भी जोड़कर भेज दी जाती है। बिल ठीक कराने के लिए लोगों को मीटर रीडर से लेकर जेई व एसडीओ के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उसके बाद भी बिजली बिल ठीक नहीं हो रहे हैं। इस तरह बिजली निगम की लापरवाही का खामियाजा शहर के आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं बिल ठीक कराने के चक्कर उसे जमा करने की आखिरी तारीख निकल जाती है और उन पर सरचार्ज लगने से अतिरिक्त भार बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि अफसरों की अनदेखी के कारण गड़बड़ी की जा रही है। अधिकतर लोगों के घरों में समय पर बिजली बिल नहीं पहुंच रहे। जब से मुख्यालय से बिजली बिल वितरण का कार्य एजेंसी को सौंपा गया है, उसी समय से मीटर रीडर गलत तरीके से बिल का वितरण कर रहे हैं।
विज्ञापन

यह बोले उपभोक्ता
कुछ समय पहले ही कॉलोनी में एक मकान खरीदा है। पिछले छह माह से बिजली निगम की ओर से बिल का वितरण नहीं किया जा रहा। बिल के लिए कई बार अधिकारियों से कह चुका हूं, लेकिन कार्यालय में आने के बाद कोई सुनवाई नहीं हो रही। - समीर, निवासी ईदगाह कॉलोनी
मैंने अपने मकान के लिए दो मीटर लगवा रखे हैं। कभी बिल देकर चले जाते है,ं कभी बिल देने से मना कर देते हैं। ऐसे में उनकी परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है। बिल संबंधी शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हो रहा। - योगेश, निवासी बाबा कॉलोनी
पिछले माह भी बिजली बिल 12 हजार 548 रुपये का भुगतान किया था। उसके बाद भी बिजली निगम ने पुराने बिल के साथ नया बिल जोड़कर भेज दिया। बिल ठीक कराने के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े। गलत बिल भेजे जाने की वजह से परेशानी हो रही है।
- सुनील गर्ग, निवासी गुड़ मंडी
मेरे घर पर चार माह का बिल 4800 रुपये जुड़कर आया। पिछले माह भी बिल का भुगतना किया था। उसके बाद भी बिजली निगम ने पुराना बिल भी जोड़कर भेज दिया। जिसको ठीक कराने के लिए कई चक्कर लगाए और इस तरह से चक्कर कटवाए जाते हैं। - सुनील निवासी गोहाना रोड
बिजली बिल जमा कराने की आखिरी तारीख 7 जुलाई है। बिल जमा कराने के लिए एक घंटे तक लाइन में खड़ा रहा। जब काउंटर पर बिल जमा कराने का नंबर आया तो काउंटर पर बैठे कर्मी ने बिल जमा करने से मना कर दिया और 1 जुलाई के बाद बिल जमा कराने को कहा।
- सुरेंद्र निवासी विशाल नगर
वर्जन
बिजली बिल संबंधी लोगों की शिकायतें मेरे पास तक नहीं पहुंची हैं। बिजली बिल संबंधी शिकायतें मिलने पर उनका तुरंत समाधान किया जाएगा। इसके बाद लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन

- विक्की गहलावत, एसडीओ औद्योगिक क्षेत्र सब डिविजन बिजली निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें