गोहाना। गुढ़ा रोड स्थित बैकवर्ड भवन में रविवार को पिछड़ा एवं अनुसूचित समाज की बैठक हुई। मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता पिछड़ा समाज के राष्ट्रीय नेता महेंद्र पांचाल रहे। अध्यक्षता ओमप्रकाश मेहरा ने की जबकि सह अध्यक्षता पिछड़ा समाज के वरिष्ठ नेता महा सिंह पटवा रहे।
बैठक में पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक महेंद्र पांचाल और पूर्व सरपंच भैंसवान खुर्द महावीर कश्यप ने बहुजन समाज के लोगों को एकजुट किया। इस दौरान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून पर चर्चा की गई।
इसका उद्देश्य अति पिछड़ा, पिछड़ा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयों में सुरक्षित माहौल देना है। वक्ताओं ने कहा कि यह कानून बहुजन समाज के छात्रों के हित में है। समाज इसे सकारात्मक कदम मानता है।
वक्ताओं ने हाल की घटनाओं का भी जिक्र किया। इनमें गुजरात के जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में छात्र अनिल मेथानिया के साथ कथित उत्पीड़न और अन्य छात्राओं के साथ हुई घटना भी शामिल है। वक्ताओं ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा के लिए कानून की जरूरत है। बैठक में जानकारी दी गई कि कुछ वर्गों के विरोध के कारण इस कानून पर फिलहाल उच्चतम न्यायालय ने अस्थायी रोक लगाई है।
अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहरा ने जाति आधारित एक कमेटी की घोषणा की जो एससी-बीसी समाज के लोगों से सीधे संपर्क करेगी। उन्होंने बताया कि 17 फरवरी को बहुजन समाज वाल्मीकि आश्रम में एकत्र होगा। वहां एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
बैठक में रविदास सभा के संयोजक मास्टर यशपाल, धर्मवीर मदीना, अशोक बामनिया, पूर्व प्राचार्य राममेहर मान, धर्मपाल जेई, प्रोफेसर रविंद्र छाछिया, रामकुमार प्रजापत छतैहरा मौजूद रहे।