सोनीपत लोकसभा सीट पर कांग्रेस के लिए सबसे अधिक मत प्राप्त करने के चार दशक पुराने रिकॉर्ड को सतपाल ब्रह्मचारी ने तोड़ दिया है। कांग्रेस के लिए यह रिकॉर्ड 1984 में धर्मपाल सिंह मलिक ने बनाया था। लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान नारा लगा था कि सतपाल ब्रह्मचारी, सब पर भारी। उन्होंने इस नारे को सही साबित कर दिया है। कांग्रेस ने सोनीपत लोकसभा सीट जीतकर यहां से भाजपा के साथ चार बार जीत दर्ज करने के रिकार्ड की बराबरी भी कर ली है।
वर्ष 1984 में कांग्रेस प्रत्याशी धर्मपाल सिंह मलिक ने कांग्रेस की टिकट पर 48.34 फीसदी वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। अब वर्ष 2024 में सतपाल ब्रह्मचारी ने अपनी पार्टी के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए जीत दर्ज की है। सतपाल ब्रह्मचारी ने कांग्रेस की टिकट पर 48.82 फीसदी मत हासिल किए हैं। कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इस रिकॉर्ड को छू नहीं पाए थे, लेकिन ब्रह्मचारी ने 0.48 फीसदी मत अधिक लेकर इसे लेकर तोड़ दिया है।
एक दशक में फिर दिखी कड़ी टक्कर
सोनीपत लोकसभा चुनाव में हर दशक बाद कड़ी टक्कर के आसार बनते हैं। वर्ष 2004 और 2014 के चुनाव के बाद अब 2024 में कड़ी टक्कर दिखाई दी है। 2004 में भाजपा के किशन सिंह सांगवान को 31.7 फीसदी व कांग्रेस के धर्मपाल मलिक ने 30.7 फीसदी वोट मिले थे। उसके बाद वर्ष 2009 में कांग्रेस एकतरफा जीती। वर्ष 2014 में भाजपा, कांग्रेस और इनेलो के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बना हुआ था। तब रमेश कौशिक ने 35.19 फीसदी वोट लिए, कांग्रेस के जगबीर मलिक ने 27.35 फीसदी और इनेलो के पदम सिंह दहिया ने 26.8 फीसदी वोट लिए थे। वर्ष 2019 में भाजपा के रमेश कौशिक ने एकतरफा जीत दर्ज की थी। अबकी बार फिर कड़ा मुकाबला हुआ।
भाजपा-कांग्रेस की जीत हुई बराबर
सोनीपत लोकसभा सीट वर्ष 1977 में रोहतक से अलग होकर बनी थी। अब तक हुए 12 चुनाव में भाजपा ने चार बार तो कांग्रेस ने तीन बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद कांग्रेस ने जीत दर्ज कर आंकड़ा चार-चार की बराबरी का कर लिया है। इसके लिए एक-एक बार जनता पार्टी, जनता पार्टी (एस), जनता दल, लोकदल व आजाद उम्मीदवार के रूप में अरविंद शर्मा जीत चुके हैं।