आरबीएसके टीम टी-188 का निरीक्षण करती डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. स्वराज चौधरी। स्रोत : मैनेजर
सोनीपत। आरबीएसके के अंतर्गत चिह्लित बच्चों के लिए दो कंफर्म सर्जरी शीघ्र सुनिश्चित की जाएं ताकि समयबद्ध उपचार से बच्चों को अधिकतम लाभ मिल सके। यह निर्देश डिप्टी सिविल सर्जन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) डॉ. स्वराज चौधरी ने दिए हैं।
उन्होंने शुक्रवार को डीईआईसी मैनेजर एवं आरबीएसके कोऑर्डिनेटर के साथ आरबीएसके टीम टी-188 के कार्यों और लेबर रूम का निरीक्षण कर विस्तृत समीक्षा की। पर्यवेक्षण के दौरान टीम द्वारा किए जा रहे स्क्रीनिंग, रेफरल, रिकॉर्ड-मेंटेनेंस और फॉलोअप कार्यों की बारीकी से जांच की गई तथा व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने गुणवत्ता सुधार, दस्तावेजीकरण की शुद्धता तथा विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर बल दिया। साथ ही विजिट रजिस्टर और लॉगबुक को संबंधित एसएमओ से नियमित रूप से सत्यापित एवं प्रमाणित कराने के निर्देश भी दिए गए जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
आरबीएसके के उद्देश्यों और लाभों पर भी डाला प्रकाश
आरबीएसके के उद्देश्यों और लाभों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों, विशेषकर वंचित एवं अल्प-सुविधा प्राप्त परिवारों के बच्चों को निशुल्क स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, जांच, सर्जरी और आवश्यक उपचार सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे जन्मजात दोष, रोग, कमी आदि की समय पर पहचान और उपचार संभव हो पाता है।