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Sonipat News: गन्ने का रेट बढ़ाने की मांग, किसानों ने चीनी मिल को लगाया ताला, धरना शुरू

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द सोनीपत सहकारी चीनी मिल के गेट पर ताला जड़ने के बाद नारेबाजी करते किसान। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत/गोहाना। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के सदस्यों ने गांव आहुलाना व सोनीपत में कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिलों पर ताला जड़ दिया। इस दौरान किसानों के गेट पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा वह आंदोलन की राह नहीं छोड़ेंगे
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इस दौरान भाकियू के जिला प्रधान अशोक लठवाल ने कहा कि सरकार की ओर से गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक मिल में गन्ना नहीं डाला जाएगा। आहुलाना चीनी मिल के गेट पर किसानों ने सुबह 8 बजे हवन किया और उसके बाद गेट पर ताला जड़ा। सोनीपत चीनी मिल के गेट पर दोपहर 1.20 बजे ताला जड़ा गया। सोनीपत चीनी मिल के मुख्य अभियंता डीएस पहल ने बताया कि सोनीपत मिल यार्ड के अंदर 10 हजार क्विंटल गन्ना है। वहीं गोहाना चीनी मिल में रात 11 बजे तक ही यार्ड में बचे हुए गन्ने की पेराई की जा सकेगी।
सोनीपत चीनी मिल में दोपहर को लगाया ताला
कामी रोड स्थित द सोनीपत सहकारी चीनी मिल के गेट पर भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने शुक्रवार दोपहर गन्ने का भाव बढ़वाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इसके साथ ही मिल के गेट पर ताला जड़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। मुख्य गेट पर ताला लगने के बाद गन्ना अंदर लेकर जाना गन्ना उत्पादक किसानों के लिए मुश्किल हो गया। जिसका सीधा असर चीनी मिल में की गन्ना पेराई पर पड़ेगा। मिल यार्ड में शुक्रवार रात तक का ही गन्ना मौजूद है।
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जिलाध्यक्ष अशोक लठवाल ने बताया कि पंजाब में हरियाणा से अधिक गन्ने का भाव है। प्रदेश सरकार हरियाणा में गन्ने का भाव नहीं बढ़ा रही है। प्रदेश में गन्ना उत्पादन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार से गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की जा रही है।
ट्रैक्टर-ट्रालियों से गन्ना लेकर आए किसानों को भी मिल के अंदर नहीं जाने दिया गया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी हुए बिना वह मिल के गेट का ताला नहीं खोलेंगे। गेट पर ही किसानों का धरना अनिश्चित काल के लिए जारी रहेगा। इस दौरान ब्लॉक प्रधान सतबीर छिक्कारा, भगत सिंह, रतिराम तोमर, जयसिंह, राजेश दहिया, पूर्ण सिंह, जगमेंद्र भावड़, रविंद्र मुरथल, जयसिंह नकलोई, रियाज हुसैन, सूरत सिंह, धर्मबीर, रामचंद्र आदि मौजूद रहे।
आहुलाना चीनी मिल में पहले किया हवन, फिर गेट किया बंद
गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने आहुलाना स्थित चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इससे पहले हवन किया। किसानों ने गेट पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसानों ने एकमत होकर कहा है कि जब तक गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया जाता है, तब तक मिल के गेट पर ताला लगा रहेगा।
आहुलाना शुगर मिल में शुक्रवार को 22 हजार क्विंटल के करीब गन्ने की पिराई हो पाई है। गोहाना शुगर मिल में अब तक करीब 12.5 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई की जा चुकी है। चीनी मिल में रोजाना 25 हजार क्विंटल गन्ने की औसत से पिराई की जा रही है। किसानों के आंदोलन की वजह से शुगर मिल में यदि शनिवार को गन्ना नहीं पहुंचा तो पेराई बंद रहेगी।
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