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Sonipat News: युवक की हत्या कर जलाया था शव, दंपती समेत तीन को उम्रकैद

Wed, 17 Jan 2024 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर ने एक युवक की हत्या कर शव को पराली में डालकर जलाने के मामले में आरोपी महिला, उसके पति और देवर को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर सात माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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गांव बुसाना निवासी बलजीत ने 3 नवंबर, 2019 को सदर थाना गोहाना पुलिस को बताया था कि उनका बेटा बिजेंद्र (28) 2 नवंबर, 2019 की रात को घर में ही सोया था। सुबह उठे तो वह नहीं मिला। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। 3 नवंबर 2019 की शाम को ही सदर थाना गोहाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बुसाना निवासी बलजीत के पराली के ढेर में आग लग गई। बलजीत और ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया तो पराली में युवक के पैर का जला हुआ हिस्सा मिला था। तत्कालीन सदर थाना प्रभारी कप्तान सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।

कॉल डिटेल से उठा था हत्याकांड से पर्दा
पराली में शव के अवशेष मिले थे। जांच में पता लगा था कि रात से लापता बिजेंद्र का शव था। बिजेंद्र मिठाई तैयार कर बेचने का काम करता था। पुलिस ने बिजेंद्र की कॉल डिटेल निकाली थी तो उसमें रात को गांव के खुशीराम के मोबाइल नंबर पर बात होने का पता लगा। पुलिस ने खुशीराम और उसके भाई प्रताप को गिरफ्तार कर बिजेंद्र हत्याकांड से पर्दा उठा दिया था।
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पुलिस ने खुलासा किया था कि बिजेंद्र की पत्नी सिलाई करती थी। पड़ोस की महिला उसके पास आती थी। बिजेंद्र ने महिला का नंबर ले लिया था और उसके संपर्क में आ गया था। परिजनों को पता चला था तो उसने करीब चार माह पहले बिजेंद्र से बातचीत करनी बंद कर दी थी। अब कुछ दिन पहले षड्यंत्र के तहत फिर से महिला ने बिजेंद्र से बातचीत की थी। उसने बिजेंद्र को घर बुलाया था। वह 2 नवंबर, 2019 की रात महिला के कमरे में गया तो वहां पहले से बैठे उसके देवर प्रताप ने उसकी गर्दन दबा दी और उसके बाद खुशीराम ने उसके संवेदनशील अंग पर लाठियों से वार किए थे, जिससे उसकी मौत हो गई थी। बाद में पुलिस ने महिला को भी गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले में सबूत जुटाकर चार्जशीट दायर कर दी थी। एएसजे अजय पराशर ने तीनों को युवक की हत्या करने और शव को खुर्द-बुर्द करने में दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई है।




घटना की रात बिजेंद्र की सास उनके घर पर आई थी। ऐसे में बिजेंद्र खाना खाने के बाद परिजनों को कहीं दूसरी जगह जाकर सो जाने की बात कहकर निकला था। वह रात को महिला के घर चला गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वह रात को उसके शव को कंबल में लपेटकर करीब डेढ़ बजे पराली के ढेर के पास लेकर पहुंचे थे। पराली में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी और बिजेंद्र के शव को उसमें डाल दिया था।
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