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Sonipat News: उद्योगों पर संकट, आंदोलन बढ़ा ठप होगा व्यापार

Tue, 13 Feb 2024 11:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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गन्नौर। किसान आंदोलन के उग्र होने के साथ ही उद्योगपतियों व श्रमिकों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। किसान आंदोलन के चलते कुंडली बॉर्डर बंद कर दिया गया है, जिससे भारी वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। बिगड़ते हालात के बीच एक बार फिर उद्योगों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। उद्योगपतियों ने कहा है कि इस बार भी अगर किसान डटे तो व्यापार ठप हो जाएगा। उद्योगपतियों ने कहा है कि सरकार को किसानों से बातचीत करते हुए समस्या का हल निकालना चाहिए।
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किसान आंदोलन के चलते कुंडली बॉर्डर बंद कर दिया गया है, जिससे दिल्ली से आवागमन करने वाले उद्योगपतियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि दिल्ली जाने के लिए रूट को वाया नरेला डायवर्ट किया गया है, लेकिन इस रूट पर भारी जाम के कारण आसानी से निकलना संभव नहीं है। किसान आंदोलन के बिगड़ते हालात को देखते हुए उद्योगपतियों ने बैठक कर चर्चा की। उद्योगपतियों ने सरकार से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते इसका समाधान निकाले, अन्यथा छोटे कारोबारियों के साथ ही हजारों घरों में रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
किसानों से शांति बनाए रखने की अपील
सोनीपत के उद्योगपतियों को डर सता रहा है कि कहीं किसान कुंडली बाॅर्डर पर आकर न बैठ जाएं। ऐसा हुआ तो उनका व्यापार ठप हो जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों को भी रोजगार की दिक्कत होगी। उद्योगपतियों ने किसानों से शांति कायम रखने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर पिछली बार की तरह इस बार भी आंदोलन लंबा चला तो भरी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
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फिर करना पड़ेगा जाम का सामना
उद्योगपतियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कुंडली, राई, मुरथल, बडी, भिगान व रामनगर औद्योगिक क्षेत्र लगते है। किसान दिल्ली में प्रवेश ना कर सकें। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली से प्रवेश के रास्ते बंद कर दिए हैं, जिससे उन्हें कई किलोमीटर घूमकर आना पड़ेगा और एक बार फिर जाम का सामना करना पड़ेगा। सरकार को किसानों का हल निकालना चाहिए।
पिछली बार किसानों के कुंडली बाॅर्डर पर बैठने से उद्योगों को करीब पांच हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। करीब 250 से ज्यादा फैक्टरी मालिक कंपनी बंद कर चले गए थे। यही नहीं विदेशो से उनके ग्राहक भी टूट गए थे। दोबारा ऐसे हालात ना बनें, इसके लिए सरकार को समाधान निकालना चाहिए।
सुभाष गुप्ता, प्रधान, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन

-किसान आंदोलन अगर लंबा चला तो उनके व्यापार ठप होने के साथ ही लघु उद्योग चलाने वाले बर्बाद हो जाएंगे। यही नहीं उद्योगों में कार्यरत हजारों श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। आंदोलन के चलते उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो जाएगी। किसानाें को भी इस बारे में सोचते हुए आंदोलन टालना चाहिए।
राकेश छाबड़ा, उद्योगपति, राई औद्योगिक एसोसिएशन


-पिछली बार किसान आंदोलन की वजह से बहुत से व्यापारी अपना कारोबार बंद कर चले गए थे। जिससे बहुत से लोगों का रोजगार भी चला गया था। इस बार भी आंदोलन हुआ तो उनके व्यापार के साथ आम लोगो को भी परेशानी झेलनी होगी। छोटे व्यापार ठप हो जाएंगे। सरकार को किसानों से बातचीत कर हल निकालना चाहिए।
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नवीन कौशिक, प्रधान, एमएसएमई वेलफेयर एसोसिएशन, बड़ी
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