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रोडवेज चालक की हत्या का मामला: ‘1664’ नहीं ‘6148’ में सवार थे हत्यारोपी, पुलिस को ढूंढने में करनी पड़ी मशक्कत

Sun, 11 Sep 2022 12:44 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

रोडवेज चालक मूलरूप से गांव सरगथल फिलहाल सरस्वती विहार निवासी जगबीर की रोडरेज में हत्या का मामला पहले दिन से ही पेचीदा होने लगा था। पहले ही दिन रोडवेज कर्मियों ने हंगामा कर दिया था।
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सोनीपत में मामले में बातचीत करते अधिकारी। जगबीर का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो)
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 पर कुंडली के पास रोडरेज में रोडवेज चालक को कुचलने के बाद थार जीप सवार आरोपी दिल्ली की तरफ भाग गए थे। पुलिस को मामले में रोडवेज कर्मियों ने अधूरा नंबर 1664 दिया था। जिसकी जांच शुरू हुई तो दिल्ली में इस नंबर की एक भी थार जीप नहीं मिली जिससे मामला उलझ गया और बाद में गिरफ्तारी नहीं होने पर तूल पकड़ गया था।

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जिसके बाद पुलिस ने गहनता से जांच की और 6148 नंबर की असली थार तक पहुंच गई। मामले में रोडवेज कर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल और चालक के बेटे के आत्महत्या करने के मामले ने इसे बढ़ा घटनाक्रम बना दिया था। ऐसे में 150 से ज्यादा सीसीटीवी को खंगालते हुए साइबर टीम की मदद लेकर प्रदेश व दिल्ली की 30 टीम आरोपी महिला व थार जीप तक पहुंच पाई। 

रोडवेज चालक मूलरूप से गांव सरगथल फिलहाल सरस्वती विहार निवासी जगबीर की रोडरेज में हत्या का मामला पहले दिन से ही पेचीदा होने लगा था। पहले ही दिन रोडवेज कर्मियों ने हंगामा कर दिया था। उसके बाद चक्का जाम कर दिया। इस पर पुलिस ने थार की तलाश को अपनी रणनीति को व्यापक रूप दिया। पुलिस ने दिल्ली को जाने वाले वाहनों के बाद वहां से सोमवार रात को आने वाले वाहनों की जांच शुरू की।
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इसके साथ ही थार की जाली टूटकर गिरने से उसकी नंबर प्लेट के मॉडिफाई होने की जानकारी मिल गई। दिल्ली में करीब साढ़े पांच सौ थार जीप मॉडिफाई होने की जानकारी मिली जिसके बाद पुलिस ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई। इसमें वहां से गुजरी थार जीप का नंबर स्पष्ट नहीं हुआ तो दिल्ली परिवहन विभाग से चार हजार थार गाड़ियों का रिकॉर्ड लिया गया।

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सीसीटीवी में कैद अधूरे व धुंधले से नंबरों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने इसके लिए साइबर टीम को लगाने के साथ ही एक्सपर्ट से मदद ली। इतना ही नहीं टूटी जाली के आधार पर मिस्त्रियों से भी पूछताछ हुई। मशक्कत के बाद पुलिस मोनिका के जिम के पास पार्किंग में खड़ी जीप तक पहुंची।

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इससे पहले पुलिस ने गरम धरम समेत कई ढाबों की फुटेज खंगाली थी। उससे भी कुछ मदद मिल गई थी। जब मोनिका थार के पास आई तो उस पर नजर रखी गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर पूरे मामले से पर्दा उठाया। पुलिस जांच में सामने कि गाड़ी आरोपी प्रांजल की मां के नाम पर है।  

जिम खोलने की थी जल्द, इसी में हुई कहासुनी 
मोनिका ने पुलिस को बताया है कि रात भर पार्टी करने के बाद उसे सुबह अपनी जिम खोलनी थी। इसी जल्दबाजी में वह चारों मुरथल से दिल्ली के लिए निकले थे। बीसवां मील के पास सड़क पर जगह कम होने के चलते उन्होंने हार्न देकर साइड देने को कहा तो रोडवेज चालक ने साइड नहीं दी। आगे निकलने पर उनका विवाद हो गया था। 
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कुंडली से भागकर सीधा दिल्ली गए आरोपी, दो आरोपी गढ़ मुक्तेश्वर पहुंचे  
मोनिका ने पुलिस को बताया कि रोडवेज चालक को टक्कर मारने के बाद वह कुंडली से वाया बाईपास होते हुए दिल्ली पंजाबी बाग से मोती नगर पहुंचे। वहां पर वह गाड़ी से उतर गई। गाड़ी को पार्किंग में खड़ा कर दिया। बाद में दो आरोपी प्रांजल व विकास दिल्ली से भागकर गढ़ मुक्तेश्वर गए थे। इसकी जानकारी मोनिका ने पुलिस को दी है। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी प्रांजल, विकास व कुनाल की तलाश में दबिश दे रही है। 

ब्लाइंड मर्डर को सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती था। पुलिस ने इसे अंजाम की तरफ पहुंचा दिया है। पुलिस मामले में एक आरोपी का गिरफ्तार करने के साथ ही तीन की पहचान कर चुकी है। थार जीप को भी बरामद कर लिया है। जल्द ही तीनों आरोपी भी सलाखों के पीछे होंगे।  -विपिन कादियान, डीएसपी, एसआईटी प्रभारी।

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