हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी को दोषी 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी रिश्ते में बच्ची का मामा लगता है।
गोहाना क्षेत्र की महिला ने 16 अगस्त, 2019 को पुलिस को बताया था कि उसकी शादी जींद जिले में हुई है। वह अपने मायके आई थी। उसकी सात साल की बेटी गली में खेल रही थी। वह घर के अंदर अपने भतीजे के साथ काम कर रही थी। महिला ने बताया कि कुछ समय बाद उसे अपनी बेटी गली में दिखाई नहीं दी थी।
इस पर वह अपने भतीजे के साथ उसे तलाश करने लगी। जब वह आंगनबाड़ी के पीछे पहुंचे तो उसे अपनी बेटी के रोने की आवाज सुनाई दी थी। उसने देखा कि रिश्ते में उसके चाचा का लड़का उसकी बेटी को पकड़ा था। वह उसके साथ गलत काम करने का प्रयास कर रहा था। उसे देखकर आरोपी भाग गया था।
महिला ने पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार आरोपी की उम्र करीब 17 साल के आसपास थी। उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया था। बाद में नए कानून के तहत उसके साथ बालिग की तरह व्यवहार किया गया।
एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में दस साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना तथा अपहरण में सात साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर 15 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।