सोनीपत में पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना से पूछताछ में एसटीएफ को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एसटीएफ के सामने मुख्य आरोपी रोबिन ने गैंग के 70 सक्रिय सदस्यों का कच्चा-चिट्ठा कुबूल किया है। उनकी पूरी जानकारी मिलने के बाद टीम उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इतना ही नहीं टीम ने आरोपी को सभी 19 लैब में ले जाकर निशानदेही कराई है और वहां एफएसएल को ले जाकर सुबूत जुटाए हैं। अब एफएसएल और साइबर एक्सपर्ट की टीम मिलकर कंप्यूटर व अन्य डिवाइस की जांच करेगी।
एसटीएफ सोनीपत ने पेपर सॉल्वर गैंग के सरगना गांव शामड़ी निवासी रोबिन को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर ले रखा है। दिल्ली पुलिस में सिपाही रोबिन आठ साल से पेपर सॉल्वर गैंग चला रहा था। वह ऑनलाइन परीक्षा में किराये पर लैब लेकर कंप्यूटर स्क्रीन हैक कर गड़बड़झाला करता था।
आरोपी ने एसटीएफ की पूछताछ में गैंग के 70 सक्रिय साथियों की जानकारी दी है। उनके बारे में पूरी जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ ने उनकी तलाश में दबिश बढ़ा दी है। एसटीएफ का कहना है कि कई साथियों के बारे में सटीक जानकारी मिल चुकी है। उन्हें जल्द काबू कर लिया जाएगा।
इतना ही नहीं कंप्यूटर हैक कर युवाओं को नौकरी लगवाने वाले गैंग सरगना रोबिन की निशानदेही पर एसटीएफ ने 19 लैब की एफएसएल से जांच करवाई है। टीम ने वहां से जरूरी सुबूत एकत्रित किए हैं। अब मामले में साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जाएगी, जो इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की जांच कर गैंग के साथ ही इस तरीके से नौकरी पाने वाले युवकों की कुंडली खंगालेंगे।
गैंग सरगना की निशानदेही पर 19 लैब चिह्नित की गई हैं। उन लैब से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी कब्जे में लिए गए हैं। साइबर एक्सपर्ट उपकरणों की जांच करेंगे। जांच के बाद काफी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। गैंग के 70 सक्रिय साथियों का पता लग चुका है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। - इंस्पेक्टर सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ, सोनीपत