हरियाणा एग्रो में परचेज इंचार्ज के पद पर नियुक्त सुभाष के आत्महत्या मामले में परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने असंध विधायक और सीपीएस बक्शीश सिंह विर्क पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया है, जिससे मामले की तह तक जाकर जांच की जा सके।
बता दें कि गांव मुरथल निवासी सुभाष (35) करनाल में हरियाणा एग्रो में परचेज इंचार्ज के पद पर नियुक्त था। शनिवार की रात वह सोनीपत में पुरखास रोड पर था। यहां पर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। सिटी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शव को कब्जे में ले लिया था। रविवार को उसके परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया था। उन्होंने मामले में असंध के विधायक एवं सीपीएस बक्शीश सिंह विर्क पर आरोप लगाया कि उनके नाम पर सात युवक सुभाष को प्रताड़ित करते थे, जिससे तंग आकर ही उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने मामले में सुभाष की पत्नी नीतू के बयान पर सुभाष के पास सिक्योरिटी एजेंसी की तरफ से कार्यरत सात युवकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में गुरजीत, सोमदत्त, रविदत्त, सुनील, कुलदीप, नरेश पाल व राजकुमार को नामजद किया है। बाद में परिजनों ने बवाल काटा था, जिसके बाद दोबारा से शिकायत लेकर पुलिस ने सीपीएस पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस ने मामले में जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया है। एक टीम जहां सिटी थाना प्रभारी राजपाल की बनाई गई, वहीं दूसरी टीम ओल्ड चौकी में नियुक्त एएसआई परमजीत व तीसरी टीम एसआई की बनाई गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस मामले में सुभाष के खिलाफ करनाल में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों की भी जांच करेगी।
हैफेड नहीं हरियाणा एग्रो का था कर्मी
सुभाष को उसके पिता सूरजभान की मौत के बाद हरियाणा एग्रो में नौकरी मिली थी। उसके पास बल्ला व जुंडला मंडी में दो गोदाम व एक पेट्रोल पंप के परचेज इंचार्ज का कार्यभार था। घटना की रात उसे हैफेड कर्मी बताया गया था।
सुभाष आत्महत्या मामले में परिजनों के आरोपों के बाद असंध विधायक की संलिप्तता का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस की तीन टीम बनाकर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी गई है।
-मुकेश कुमार, डीएसपी मुख्यालय।