जानलेवा हमला करने के मामले में राहत देने के लिए 70 हजार रुपये मांगे थे। शिकायतकर्ता ने उप निरीक्षक को 60 हजार रुपये दिए तो एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
जानलेवा हमला करने के मामले में दो आरोपियों को जांच में राहत देने के लिए 60 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए सदर थाना गोहाना के उप निरीक्षक को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), करनाल की टीम ने गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
गांव खानपुर कलां निवासी दीपक ने 5 अक्तूबर को कई लोगों पर घर में घुसकर हमला और पत्नी से अभद्रता करने का आरोप लगाया था। दीपक ने शिकायत दी थी कि दूसरे पक्ष के लोगों के साथ सात माह पहले उनका झगड़ा हुआ था। समझौता होने के बाद भी आरोपी रंजिश रखते थे। सदर थाना पुलिस ने दीपक की शिकायत पर छह नामजद और चार अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की जांच उप निरीक्षक रामनिवास को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका था और दो अन्य की तलाश कर रहा था। उन्होंने मामले में गिरफ्तारी से बचे लोगों को जांच में राहत देने के नाम पर 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
विज्ञापन
एसीबी को शिकायत देने वाले आरोपी पक्ष के शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपये मंगलवार को दे चुका था। उप निरीक्षक अब 60 हजार और मांग रहे थे। इस पर उसने करनाल एसीबी से संपर्क किया। बुधवार को करनाल से निरीक्षक सचिन के नेतृत्व में टीम गोहाना पहुंची।
शाम करीब साढ़े छह बजे रिश्वत के रुपये देने के लिए शिकायतकर्ता ने उप निरीक्षक को सदर थाना के बाहर चाय की दुकान पर बुलाया। जब शिकायतकर्ता ने उप निरीक्षक को 60 हजार रुपये दिए तो एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। उप निरीक्षक को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
सदर थाना गोहाना के उप निरीक्षक ने मारपीट के मामले में दो आरोपियों को राहत देने के लिए रिश्वत की मांग की थी। उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उससे पूछताछ कर मामले में सुबूत जुटाए जाएंगे। -सचिन, इंस्पेक्टर, एसीबी करनाल।