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वाल्मीकि बस्ती में फिर खूनी संघर्ष, युवक की हत्या

Sun, 05 Feb 2017 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
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विजय - फोटो : bureau
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शहर की वाल्मीकि बस्ती में एक ही परिवार के बीच शुरू हुआ खूनी संघर्ष रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तीन माह पहले परिवार के चचेरे भाइयों में हुए खूनी संघर्ष में जहां तीन सदस्यों की जान गई थी, वहीं अब फिर हुए संघर्ष में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें आरोपी चचेरा भाई भी घायल हो गया, जिसका पीजीआई रोहतक में उपचार चल रहा है। पुलिस ने फिलहाल मरने वाले युवक के भाई के बयान पर उसके चचेरे भाई सहित चार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि घायल युवक के बयान लेने के बाद ही मामले में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, इस पूरे मामले को तिहरे हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा है।
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आरोपी भी गोली लगने से घायल
लाल दरवाजा स्थित वाल्मीकि बस्ती का रहने वाला विजय उर्फ बबलू (25) शनिवार रात को अपने चचेरे भाई रवि उर्फ डब्बू के घर पर था। आरोप है कि रवि ही उसे घर से बुलाकर ले गया था। वहां पर रवि व उसके तीन अन्य साथियों ने विजय को शराब पिलाई और बाद में उसके साथ झगड़ा कर उसके सिर में लोहे की राड व गोली मारकर हत्या कर दी। इस दौरान चली गोली में रवि भी घायल हो गया। रवि को सामान्य अस्पताल में लाया गया जहां से उसे पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया। वहीं, मामले की सूचना के बाद पहुंची सिटी थाना पुलिस ने विजय के शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने विजय के शव का रविवार को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
चचेरे भाई सहित चार के खिलाफ दर्ज किया मामला
मामले में पुलिस ने विजय के भाई रोहित के बयान पर रवि व तीन अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विजय के परिजनों को आरोप है कि तीन माह पहले 31 अक्तूबर 2016 की रात महाबीर, उसके बेटे रवींद्र उर्फ मोंटी और बेटी नीतू की हत्या हुई थी। साथ ही महाबीर की दूसरी बेटी पूनम उर्फ सोनू व दूसरे पक्ष संजय भी गोली लगने से घायल हो गया था। उस मामले में महाबीर के परिजनों ने विजय पर तिहरे हत्याकांड में शामिल होने का शक जताया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि विजय का उस घटना से कोई मतलब नहीं है, लेकिन हत्याकांड में शामिल रहने के शक पर ही विजय की हत्या की गई है।
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लाल दरवाजा क्षेत्र में हुई गोलीबारी में एक युवक की हत्या हुई है। हमले में एक युवक घायल हुआ, जिसे हमलावर बताया जा रहा है। घायल युवक व उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
-अजय मलिक, सिटी थाना प्रभारी
रंजिश में उजड़ रहा परिवार
कुम्हार गेट स्थित वाल्मीकि बस्ती में एक परिवार के सदस्यों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी अब बड़ी रंजिश का रूप ले चुकी है। कई दशक पहले उत्तरप्रदेश से हरकूलाल व गोपाल सोनीपत में आकर बसे थे। बड़े भाई हरकूलाल के चार बेटे भोपाल, प्रेम, महाबीर व महेंद्र तथा दूसरे भाई गोपाल के तीन बेटे संजय, संदीप व सुभाष हुए। दोनों परिवारों में महावीर जयंती पर वर्चस्व को लेकर कहासुनी हुई थी। यहीं लड़ाई अब परिवार के सदस्यों की जान की दुश्मन बन गई है।
विजय व रवि है चचेरे भाई
हमले का शिकार हुआ विजय व आरोपी रवि चचेरे भाई थे। दोनों तीन माह पहले हमले का शिकार हुए महाबीर के बड़े भाई प्रेम के पौत्र हैं। विजय जहां प्रेम के बड़े बेटे ब्रजभूषण की संतान था तो रवि छोटे बेटे अशोक का बेटा है।
दो गुटों में बंट चुका है परिवार
वर्चस्व की जंग में ही हरकू व गोपाल परिवार के दो गुट बन गए हैं। दोनों में कई बार कहासुनी हुई, लेकिन बीच-बचाव में शांत करा दिया गया। दोनों परिवार के बीच महावीर जयंती पर हुआ विवाद तो इतना बढ़ा कि महाबीर (55), उसकी बेटी नीतू (32) व बेटे रवींद्र उर्फ मोंटी की भैयादूज को हत्या कर गई थी।
क्षेत्र में दहशत का माहौल, पुलिस चौकस
दोनों परिवारों में रंजिश के चलते कुम्हार गेट क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी है।
तीन दिन पहले ही अस्पताल से आया था विजय
हत्या के मामले में महाबीर पक्ष के लोगों ने विजय पर हत्या का शक जताया था, जिसके बाद से वह ज्यादातर बाहर ही रहता था। कुछ दिन पहले वह बीमार होने के चलते अस्पताल में दाखिल था। वह तीन दिन पहले ही अस्पताल से आया था।
विजय की बहन ने महाबीर पक्ष पर लगाए आरोप
हमले का शिकार हुए विजय की बहन आरती ने अपने दादा महाबीर पक्ष के लोगों पर विजय की हत्या कराने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि महाबीर व दो अन्य ही हत्या के मामले में विजय पर शक जताया गया था। महाबीर के परिजनों ने विजय पर केस दर्ज कराने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस को उसके भाई की कोई संलिप्तता नहीं मिली थी। अब उसके भाई की हत्या करवा दी गई। आरती ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सामूहिक आत्महत्या कर लेंगे।
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