कुख्यात आतंकी गोपी से सीआईए की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस विदेशों में छिपे देशद्रोहियों की पहचान के लिए प्रयासरत है। गोपी आतंकवादियों और देश में बैठे आरोपियों के बीच कड़ी का काम करता था। सोनीपत सीआईए की टीम ने सोनीपत के आतंकी सागर व उसके साथी को हथियार उपलब्ध कराने के आरोपी गोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर रही है।
अपराधियों के हाथों आतंकी कारनामों को अंजाम दिलाने वालों की पहचान गोपी ही करा सकता है। ऐसे में सीआईए की टीम उसको लेकर मनोवैज्ञानिक व तकनीक पर आधारित पूछताछ कर रही है। वहीं उससे सागर उर्फ बिन्नी के बारे में साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और आतंकवादी एक-दूसरे से नहीं मिलते थे।
इनको संदेश व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर मिलते थे। इनको हथियार व वाहन लावारिस हालत में दिए जाते थे। सागर उर्फ बिन्नी और सुनील की मुलाकात हथियार सप्लाई करने आए गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी से ही हुई थी। इनके अलावा सुनील और सागर किसी आतंकवादी-उग्रवादी से आमने-सामने कभी नहीं मिले हैं।
अभी तक की पुलिस जांच के अनुसार गोपी को एके-47, पिस्टल व मैगजीन पंजाब के खरड़ क्षेत्र के गांव दीनापुर के खेत में झाड़ियों में रखे मिले थे। उसको व्हाट्सएप पर स्थान और स्थिति उपलब्ध करा दी गई थी। गोपी ने झाड़ियों में छिपाकर रखे गए हथियार निकाले और उनको लेकर अंबाला पहुंच गया। अब पुलिस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस टीम गोपी से पूछताछ कर रही है। तथ्य सामने आने पर उसके आधार पर छापा मार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस मामले में किसी भी पहलू को अछूता नहीं छोड़ रही है। -राहुल शर्मा, एसएसपी, सोनीपत।