अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने गांव छिछड़ाना में सगे भाइयों को जिंदा जलाकर मारने व तीसरे को गोली मारकर घायल करने के मामले की सुनवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए गए दोनों सगे भाइयों को अदालत ने आजीवन कारावास व पांच-पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में अदालत ने सात आरोपियों को बरी कर दिया।
27 मार्च 2013 की रात की वारदात
गांव छिछड़ाना निवासी जगबीर उर्फ विक्की ने थाना बरोदा में शिकायत दी थी कि 27 मार्च, 2013 की रात को वह अपने सगे भाई बारूराम व रामदिया के साथ घर पर सो रहा था। एक कमरे में बारूराम व रामदिया और दूसरे कमरे में जगबीर अपने बच्चों के साथ सो रहा था। उसी समय गांव का बलजीत, उसका भाई कुलदीप व अन्य उनके घर आए और उन्होंने उसके भाई बारूराम व रामदिया के कमरे में केरोसिन डालकर आग लगा दी, जिससे वह दोनों बुरी तरह से झुलस गए। जब जगबीर दूसरे कमरे से बाहर भागा तो उस पर हमलावरों ने गोली चला दी थी, जिससे वह भी घायल हो गया था। गोली की आवाज सुनकर अन्य लोगों के आने पर हमलावर फरार हो गए थे। तीनों घायलों को पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां पहले रामदिया और बाद में बारूराम ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने जगबीर के बयान पर गांव छिछड़ाना के बलजीत, कुलदीप, उनकी मां संतरा, पिता रामकुमार, परिवार के अमित, रोहतक के गांव खरहेटी निवासी अनिल, गांव लाखनमाजरा निवासी शक्ति, रणधीर व रामचंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को काबू कर लिया था।
ये थी रंजिश की वजह
गांव छिछड़ाना में दलीप और बलजीत के परिवार में वर्ष 2009 में पानी को लेकर झगड़ा हुआ था। बारूराम, जसबीर व रामदिया दलीप के पुत्र थे। उस समय दलीप की हत्या कर दी गई थी। इस मामले बलजीत, कुलदीप व उनका पिता रामकुमार और अन्य लोगों को नामजद किया गया था। दोनों पक्षों में इस मामले को लेकर समझौता भी हो गया था, लेकिन अदालत ने बलजीत व कुलदीप और अन्य को सजा सुना दी। हत्या की सजा काटते हुए बलजीत व कुलदीप वर्ष 2011 में पैरोल पर जेल से बाहर आए थे। बलजीत उसके बाद भगौड़ा हो गया। बाद में बलजीत, कुलदीप पर अपने साथियों के साथ दलीप के बेटों की जलाकर हत्या कर दी थी।
ये सुनाई सजा
एएसजे सुशील कुमार की अदालत ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए कुलदीप व बलजीत को दोषी करार दिया। अदालत ने अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास व पांच-पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।