हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने पड़ोस की किशोरी को बहकाकर अपने घर ले जाने के बाद दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना अदा न करने पर 17 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 3 दिसंबर, 2020 को खरखौदा थाना पुलिस को बताया था कि 2 दिसंबर, 2020 की रात को वह अपने परिवार के साथ घर पर सो रहे थे। देर रात को उनकी पत्नी की आंख खुली तो देखा कि उनकी 14 वर्षीय बेटी घर में नहीं थी। उन्होंने आसपास तलाश की तो बेटी पड़ोस के ही राहुल के घर पर मिली।
पूछताछ करने पर बेटी ने बताया कि राहुल उसे बहका कर अपने साथ ले गया था, जिसके बाद उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। व्यक्ति ने मामले की शिकायत खरखौदा थाना पुलिस को दी थी। पुलिस ने दुष्कर्म सहित एससी-एसटी एक्ट, 4 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच तत्कालीन डीएसपी खरखौदा डॉ. रवींद्र कुमार ने की थी। उनकी टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। दोषी राहुल को अदालत ने 4 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 363 में पांच साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा 506 में दो साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं।