रेसलर निशा व भाई सूरज। फाइल फोटो।
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कुश्ती पहलवान निशा व उसके भाई की हत्या से न केवल गांव हलालपुर में मातम पसर गया है, बल्कि खेल जगत में भी रोष है। निशा ऑल इंडिया विश्वविद्यालय गेम्स में रजत पदक जीत चुकी थी। इसके बाद से ही वह तीन वर्ष पहले गांव में खुली कुश्ती अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने लगी थी।
छोटा भाई सूरज रोजाना बहन निशा को अकादमी में छोड़ने व लेने आता था। बुधवार को बेटी की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर मां धनपति बेटे के साथ अपनी बेटी को लेने गई थी। वहां पर निशा के साथ ही उसके भाई की भी हत्या कर दी गई, जबकि घायल मां रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन है।
दोहरे हत्याकांड में हलालपुर के ग्रामीणों में रोष है। बहन-भाई की हत्या से रोषित ग्रामीण एकत्रित होकर देर शाम अकादमी की ओर पहुंचने लगे। मौके पर मौजूद एसपी राहुल शर्मा ने ग्रामीणों से अकादमी के बाहर ही बात करने की कोशिश की, लेकिन वे अंदर आकर ही बात करने की जिद करने लगे। अंदर पहुंचने के बाद लोगों ने अकादमी में तोड़फोड़ कर दी। साथ ही आग भी लगा दी। प्रशासन द्वारा अकादमी में लगी आग पर काबू पाया गया।
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परिवार में छोटे थे निशा व सूरज
पहलवान निशा की दो बड़ी बहने हैं, जबकि एक छोटा भाई सूरज था। दोनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है और निशा व सूरज अपनी मां के साथ रहते थे। उनके पिता दयानंद सीआरपीएफ में बतौर एसआई कार्यरत हैं और फिलहाल में श्रीनगर में तैनात हैं। हमले में दोनों भाई-बहनों की हत्या के बाद से दयानंद का घर खाली हो गया है।